भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट का दौर जारी है. तीन कारोबारी सत्रों यानी करीब 19 घंटों में सेंसेक्स 750 अंकों से ज्यादा और निफ्टी 270 अंकों से अधिक लुढ़क गया है. शुक्रवार को सेंसेक्स 640 अंक गिरकर 83,216 अंकों पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,492 अंकों तक फिसल गया. इस गिरावट से निवेशकों को तीन दिनों में 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है.
बाजार के गिरने की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली मानी जा रही है. एफआईआई ने नवंबर के शुरुआती हफ्ते में ही 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच दिए हैं. वहीं भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी और वैश्विक बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजारों को दबाव में रखा है. जापान और कोरिया के शेयर बाजारों में भी 2% तक की गिरावट देखने को मिली, जबकि वॉल स्ट्रीट में भी सेंटीमेंट कमजोर हुआ है.
आर्थिक मोर्चे पर भी संकेत उत्साहजनक नहीं हैं. भारत की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ दर घटकर 8.8% रह गई है, जबकि सर्विस सेक्टर पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक विदेशी निवेशकों का भरोसा नहीं लौटता और ग्लोबल मार्केट स्थिर नहीं होते, तब तक भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
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