LDA बोर्ड की 188वीं बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी: आईटी सिटी में भू-स्वामियों को मिलेगा 50 प्रतिशत अविकसित भूखंड

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण बोर्ड की 188वीं बैठक में शहर के विकास और नई आवासीय योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में पारिजात सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के फेज-2 के ले-आउट प्लान को मंजूरी प्रदान कर दी गई। इसके साथ ही दोनों योजनाओं के लिए अधिग्रहीत कृषि भूमि का भू-उपयोग आवासीय किए जाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड की स्वीकृति मिल गई। इन निर्णयों से दोनों आवासीय योजनाओं के अगले चरण के विकास का रास्ता साफ हो गया है। बैठक में प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई और विकास कार्यों को गति देने से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का फेज-2 विकसित किया जाएगा। इसके लिए तैयार किए गए ले-आउट प्लान को बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। दोनों योजनाओं की अधिग्रहीत भूमि का भू-उपयोग कृषि से आवासीय क्षेत्र में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की इमर्जिंग कॉरपोरेट क्रेडिट ब्रांच से स्वीकृत 1000 करोड़ रुपये के ऋण का भी आवश्यकतानुसार इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे योजनाओं में आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्रबंध नगर योजना में किसानों के मुआवजे को लेकर बोर्ड ने दिए निर्देश

बैठक में प्रबंध नगर योजना के अंतर्गत भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, लखनऊ मंडल द्वारा 28 सितंबर 2026 को पारित आदेश के अनुसार किसानों को प्रतिकर का भुगतान किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इस मामले में किसानों की ओर से प्रस्तुत समझौते के आधार पर निर्धारित प्रतिकर दरों के अनुसार भुगतान का विषय बोर्ड के सामने रखा गया। बोर्ड ने निर्देश दिए कि एलडीए के पूर्व आदेश को ध्यान में रखते हुए एनजीटी समेत सभी संबंधित मुकदमों का उल्लेख किया जाए और उनका समाधान करने के बाद मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत वित्त पोषण के लिए शासन से अनुरोध किया जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि यदि किसी कारणवश शासन से योजना की स्वीकृति नहीं मिलती है तो इसके क्रियान्वयन के संबंध में एलडीए उपाध्यक्ष को अधिकृत किए जाने का प्रस्ताव रखा जाए।

लैंड पूलिंग से भूमि मालिकों को मिलेगा 50 प्रतिशत अविकसित भूखंड

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने आवासीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि देने वाले भू-स्वामियों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत अपनी जमीन देने वाले भूमि-स्वामियों को कई गुना अधिक लाभ मिलेगा। आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना के अंतर्गत लैंड पूलिंग के माध्यम से प्राप्त 10 एकड़ अथवा उससे अधिक भूमि के सापेक्ष संबंधित भू-स्वामियों को 50 प्रतिशत अविकसित भूमि वापस की जाएगी। इस व्यवस्था के माध्यम से प्राधिकरण को योजनाओं के विकास के लिए भूमि उपलब्ध होगी, वहीं भूमि मालिकों को भी विकसित होने वाली परियोजनाओं में हिस्सेदारी का लाभ मिल सकेगा।

अर्बन चैलेंज फंड से कई विकास परियोजनाओं को लेकर चर्चा

बैठक में भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अर्बन चैलेंज फंड योजना के अंतर्गत एलडीए की ओर से भेजे गए विभिन्न विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। इनमें वरुण विहार टाउनशिप परियोजना, कैलाश कुंज कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का पुनर्विकास, पत्रकारपुरम में पार्किंग निर्माण, हनुमान सेतु स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय तथा कानपुर रोड पर ईडब्ल्यूएस सेक्टर-जी से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर में आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ व्यावसायिक परिसरों, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को आगे बढ़ाने की योजना है।

प्रियदर्शिनी योजना और नंदाखेड़ा कॉम्प्लेक्स के ले-आउट संशोधन को मंजूरी

एलडीए बोर्ड ने प्रियदर्शिनी योजना, नंदाखेड़ा कॉम्प्लेक्स और तालकटोरा रोड, ऐशबाग के ले-आउट यानी तलपट मानचित्र में संशोधन एवं पुनर्नियोजन के प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में नियमानुसार कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 एवं 2014 तथा उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के अंतर्गत डीपीआर में संशोधन और परियोजना अवधि में विस्तार किए जाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बोर्ड की बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार, सचिव सुशील प्रताप सिंह, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम, प्राधिकरण बोर्ड के सदस्य पीएन सिंह एवं पुष्कर शुक्ला समेत अन्य अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।

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