UPPCL कार्यालय का BKUA ने किया घेराव: बेमौसम बारिश से बर्बाद फसलों के मुआवजे की उठाई मांग
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर यूपीपीसीएल कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिलने, खाद की किल्लत और सरकारी विभागों में व्याप्त समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि सरकार किसानों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को राहत नहीं मिल रही है। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसलें बर्बाद होने के बावजूद उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, DAP खाद की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है।
गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने समेत कई मांगें उठाईं
प्रदर्शन में शामिल किसान नेता हरिनाम सिंह ने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ने का लाभकारी मूल्य तत्काल घोषित करना, UPPCL के भ्रष्ट अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कराना और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा दिलाना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को DAP खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। किसान नेताओं का कहना है कि समय पर खाद और फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल प्रभाव से समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
तहसील और जिलाधिकारी कार्यालयों में किसानों से अभद्र व्यवहार का आरोप
किसान नेता हरिनाम सिंह ने आरोप लगाया कि लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्हें किसानों की समस्याएं दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने कहा कि जब किसान अपनी शिकायतें लेकर तहसील या जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। किसानों को न्याय और राहत मिलने के बजाय सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें परेशान कर रहे हैं, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
फसल बीमा भुगतान और उपज का उचित मूल्य दिलाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करने के साथ ही फसल नुकसान का उचित मुआवजा और लंबित फसल बीमा भुगतान कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा धान, तिलहन और दलहन की खेती करने वाले किसानों की समस्याओं का समाधान करने तथा उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने पर जोर दिया गया। किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को कृषि उत्पादों के उचित मूल्य और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
बैंक और पुलिस द्वारा किसानों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग
किसान नेताओं ने बैंकों और पुलिस द्वारा किसानों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा किसानों से जुड़ी अन्य लंबित समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं, खाद की कमी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकारी विभागों और अन्य संस्थाओं की ओर से होने वाली परेशानियां उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही हैं।
मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और किसानों को वास्तविक राहत नहीं मिलती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। किसान नेताओं ने सरकार और संबंधित विभागों से किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
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