उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सोमवार को बड़ा राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिला कार्यालय में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय में रखी कुर्सियां तोड़ी गईं और दीवारों पर लगी तस्वीरें उतार दी गईं। खास बात यह रही कि पूरे घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, विवाद की जड़ बिहार में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान दिए गए एक भाषण से जुड़ी है। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इससे आक्रोशित होकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने देशभर में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी की महिला कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट के पास एकत्र होकर नारेबाजी की और फिर कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर हंगामा मचा दिया।
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में घुसकर कुर्सियां तोड़ डालीं और दीवारों पर लगी कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें फाड़ दीं। गांधी परिवार के पोस्टर और फोटो नीचे गिराकर नारेबाजी की गई। इतना ही नहीं, विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीर भी उतारकर नीचे फेंक दी गई। इस कृत्य ने राजनीतिक गलियारों में और भी ज्यादा हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि अब्दुल कलाम न केवल कांग्रेस या भाजपा बल्कि पूरे देश के सम्मानित व्यक्तित्व रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर टमाटर फेंककर भी गुस्सा जाहिर किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने की बजाय तमाशबीन बने रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। घटना के दौरान भाजपा का झंडा लिए महिलाएं कार्यालय की खिड़कियां और फर्नीचर तोड़ते हुए वीडियो में साफ देखी जा सकती हैं।
यह घटना लखीमपुर खीरी की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाया है, वहीं स्थानीय स्तर पर पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में इस घटना पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है।
Share this content: