लखनऊ: घर में लूटपाट के बाद महिला की निर्मम हत्या, बेटा लापता; पुलिस मामले की जांच में जुटी
बाबू खेड़ा गांव में हुई वारदात ने फैलाई दहशत, पुलिस सभी संभावित सुरागों की पड़ताल कर रही है
लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के बाबू खेड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। घर में लूटपाट के बाद 37 वर्षीय रेनू यादव की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद मृतका का मझला बेटा निखिल (20) घर से लापता हो गया, जिससे पुलिस को उस पर भी संदेह गहरा गया है। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रेनू यादव अपने पति रमेश यादव और तीन बेटों के साथ बाबू खेड़ा गांव में रहती थीं। रमेश यादव आसपास के गांवों में दूध की फेरी लगाते हैं। दो दिन पहले रेनू अपने मायके काकोरी के करझन गांव गई थीं और शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे अपने मझले बेटे निखिल के साथ घर लौटीं। कुछ ही घंटों बाद यह दिल दहला देने वाली वारदात हुई।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि रेनू की हत्या किसी भारी वस्तु से वार कर की गई। घर के अंदर कई जगह खून के धब्बे मिले। दीवारों, गैस सिलेंडर और फर्श पर खून बिखरा था। रमेश यादव ने बताया कि बदमाशों ने घर से लगभग 5-6 लाख रुपये मूल्य का सामान लूट लिया। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल और एसीपी बबलू कुमार ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने इस मामले में मृतका के बेटे निखिल की भूमिका पर भी संदेह जताया है। मृतका के भाई के अनुसार, शाम करीब पांच बजे निखिल ने अपने मामा को फोन किया और कहा कि कुछ लोग बंदूक और हथियार लेकर उसका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। छोटे बेटे नितिन ने बताया कि जब वह दोपहर चार बजे घर लौटा तो मां बेहोश पड़ी थीं और आसपास खून बिखरा हुआ था।
रेनू के पति ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी है, जिसमें सामने आया कि निखिल ने कुछ लोगों से लोन लिया था और चुकाने में नाकाम रहने के कारण धमकियां मिल रही थीं। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। साथ ही परिवार और करीबियों की भी पड़ताल की जा रही है। बाबू खेड़ा गांव और आसपास के लोग घटना से सदमे में हैं और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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