भारतीय महिला हॉकी टीम को फिर मिली करारी शिकस्त, चीन से हार के साथ FIH प्रो लीग में सबसे नीचे रहना तय
एफआईएच प्रो लीग 2024-25 में भारतीय महिला हॉकी टीम की उम्मीदों पर एक और करारा झटका लगा है। चीन के खिलाफ 3-0 से हार झेलने के साथ ही यह तय हो गया है कि भारतीय टीम अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर रहकर टूर्नामेंट का अंत करेगी। यूरोपीय चरण में यह लगातार सातवीं हार रही, और 15 मुकाबलों के बाद टीम के पास केवल 10 अंक हैं। अब भले ही भारत अपना अगला और अंतिम मैच जीत भी ले, वह 12 अंकों तक ही पहुंच पाएगा – जो प्रो लीग में बने रहने के लिए नाकाफी है। यानी अगले सत्र में भारत को एफआईएच नेशंस कप में खेलना होगा।
इस मुकाबले में भी भारत ने शुरुआती कुछ मिनटों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वह लय को कायम नहीं रख पाया। मैच की शुरुआत में बलजीत कौर को तीसरे मिनट में गोल का बड़ा मौका मिला था, लेकिन उनका शॉट गोल पोस्ट के बाहर चला गया। अगले ही मिनट में भारत को दो लगातार पेनाल्टी कॉर्नर मिले, मगर दीपिका उन्हें गोल में नहीं बदल सकीं।
दूसरी ओर चीन ने अपने मौके भुनाए। चेन यांग ने 21वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 26वें मिनट में झांग यिंग ने एक और पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल दागा। तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने हमले तेज किए, लेकिन बार-बार चीन की रक्षापंक्ति से टकराती रही। फिर 45वें मिनट में आनहुल यू ने मैदानी गोल कर चीन को 3-0 की अजेय बढ़त दिला दी।
गोलकीपर सविता ने हालांकि कुछ शानदार बचाव किए, खासतौर पर पहले क्वार्टर में गुओटिंग हाओ के रिवर्स हिट को रोकना काबिल-ए-तारीफ रहा, लेकिन रक्षापंक्ति की कमजोरियों और फॉरवर्ड लाइन की विफलता ने भारत को एक और हार की कगार पर ला खड़ा किया।
इस हार के साथ भारतीय टीम का एफआईएच प्रो लीग में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। अब टीम को अगले सत्र में एफआईएच नेशंस कप खेलना होगा और वहां से वापसी की राह तलाशनी होगी।
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