राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की समीक्षा बैठक में संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर मंथन, 24 जनवरी को लखनऊ में होगा महायज्ञ

लखनऊ। राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक रविवार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय परिसर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार, आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी, अवध प्रांत एवं गोरक्षा प्रांत के अध्यक्ष शशि भूषण, राष्ट्रीय संरक्षक दयाशंकर सनातनी, गोरखनाथ सनातनी तथा राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने पदाधिकारियों और सदस्यों को संगठन की नीतियों एवं उद्देश्यों के अनुरूप एकजुट होकर सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ प्रदेश, प्रांत, मंडल एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने सहभागिता की। दो सत्रों में संपन्न हुई इस समीक्षा बैठक में संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प तभी साकार हो सकता है, जब समाज एकजुट होकर संगठित शक्ति के रूप में आगे बढ़े। संगठन की प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद का विस्तार अब तीन प्रदेशों के 32 जिलों तक हो चुका है। यह संगठन के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास और सक्रिय सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने पदाधिकारियों से संगठन की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।

जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर ‘सनातनी’ पहचान अपनाने की अपील

सामाजिक एकता और समरसता पर विशेष जोर देते हुए डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने कहा कि जातिगत विभाजन ने समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर किया है। समाज को मजबूत बनाने के लिए जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद द्वारा ‘मैं भी सनातनी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी एवं सदस्य से अपने परिवार, समाज और परिचितों को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने के लिए प्रेरित करने तथा अपने नाम के आगे जाति के स्थान पर ‘सनातनी’ लिखने की पहल करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य समाज को जातियों में बांटना नहीं, बल्कि सनातनी पहचान के सूत्र में जोड़कर एक मजबूत, संगठित और समरस समाज का निर्माण करना है।

प्रत्येक जनपद में गुरुकुल की स्थापना की घोषणा

अवध प्रांत एवं गोरक्षा प्रांत के अध्यक्ष शशि भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ‘एक देश, एक कानून’ के मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन समाज की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक जनपद में गुरुकुल की स्थापना करने की घोषणा करते हुए बताया कि इस दिशा में प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी। प्रस्तावित गुरुकुलों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों से भी जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी ज्ञान, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक बन सके। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव समाप्त करने और जातिसूचक पहचान के स्थान पर सनातनी पहचान को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए उपस्थित लोगों से अपने नाम के आगे ‘सनातनी’ लगाने का आह्वान किया।

24 जनवरी को लखनऊ में होगा सामाजिक समरसता महायज्ञ

बैठक के प्रमुख एजेंडों में आगामी 24 जनवरी को राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित सामाजिक समरसता महायज्ञ की तैयारियां विशेष रूप से शामिल रहीं। इस आयोजन के माध्यम से सनातन समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक समरसता, एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। महायज्ञ को व्यापक सामाजिक सहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा, जनसंपर्क अभियान, प्रचार-प्रसार और विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन की ओर से आयोजन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘मैं भी सनातनी’ विशेष अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट करने, सनातन संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक एकता का संदेश प्रसारित करने की योजना बनाई गई है।

20 हजार लोगों को यज्ञोपवीत एवं शिखा संस्कार से जोड़ने का लक्ष्य

सामाजिक समरसता महायज्ञ के अंतर्गत राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद ने विभिन्न जातियों के 20 हजार हिंदुओं को यज्ञोपवीत एवं शिखा संस्कार के माध्यम से सनातनी परंपराओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए व्यापक जनसंपर्क और सहभागिता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, क्षेत्रवार जिम्मेदारियां निर्धारित करने, आयोजन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार करने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क अभियान को गति दें और आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कई पदाधिकारियों को सौंपी गई नई संगठनात्मक जिम्मेदारियां

समीक्षा बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को गति देने और विभिन्न प्रकोष्ठों को अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से आए सदस्यों को नई जिम्मेदारियां एवं संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए। इसके तहत अवध सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष, सत्यप्रकाश सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का कार्याध्यक्ष तथा दिवाकर सनातनी को शिक्षा प्रकोष्ठ का जिला सहमंत्री नियुक्त किया गया। वहीं कामिनी सनातनी को महिला प्रकोष्ठ का दायित्व सौंपा गया। इसके अतिरिक्त नवनीत सनातनी को लखनऊ नगर प्रखंड का अध्यक्ष, आशीष सनातनी को सीतापुर का संयोजक, रामबाबू सनातनी को बहराइच जनपद का मीडिया प्रभारी तथा सुनील सनातनी को लखनऊ के सरोजनीनगर प्रखंड का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की गतिविधियों को गति देने और अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा जताई गई।

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में राष्ट्रीय हिंदू रक्षा परिषद की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साधना सनातनी सहित मनीष सनातनी, महेंद्रनाथ सनातनी, प्रवेश सनातनी, ज्योति प्रकाश सनातनी, नीरज सनातनी, विकास सनातनी, पवन सनातनी, पुरुषोत्तम सनातनी, ओमप्रकाश सनातनी, रामनाथ सनातनी, गौरव सनातनी, विद्या शंकर सनातनी, डॉ. कपिल सनातनी, राहुल सनातनी, संदीप सनातनी, श्रवण सनातनी, सत्यप्रकाश सनातनी, दिवाकर सनातनी, रूबी सनातनी, अजय सनातनी, सुनील सनातनी, गया प्रकाश सनातनी, रंजीत सनातनी, सत्यनारायण सनातनी, विनोद सनातनी, अमरनाथ सनातनी और शीतल सनातनी समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

वहीं बैठक के समापन पर सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सक्रियता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही संगठन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई।

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