हरियाली तीज 2025: व्रत विधि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
1. पर्व की तिथि और धार्मिक मान्यता
हरियाली तीज का त्योहार इस साल 27 जुलाई 2025, रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और इसे ‘श्रावणी तीज’ भी कहा जाता है। मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में मनाया जाता है।
2. पूजा विधि (Puja Vidhi)
सूर्योदय से पहले उठकर घर की सफाई कर लें और गंगाजल से शुद्धिकरण करें। फिर मंदिर स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर शिव, पार्वती और गणेश जी की मूर्तियां स्थापित करें। भगवान शिव को धोती-अंगोछा और माता पार्वती को साड़ी व श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। मंत्र जाप करें, कथा सुनें और आरती के बाद प्रसाद वितरित करें। कुछ स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन की परंपरा भी होती है।
3. पूजा के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
हरियाली तीज की पूजा में प्रदोष काल को सबसे शुभ माना जाता है, लेकिन अन्य मुहूर्त भी इस दिन लाभकारी हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: 04:17 AM – 04:58 AM
अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM – 12:55 PM
विजय मुहूर्त: 02:43 PM – 03:38 PM
गोधूलि मुहूर्त: 07:15 PM – 07:36 PM
अमृत काल: 01:56 PM – 03:34 PM
रवि योग: 04:23 PM – 05:40 AM (28 जुलाई तक)
4. हरियाली तीज का महत्व
मान्यता है कि जो महिलाएं यह व्रत पूर्ण श्रद्धा से करती हैं, उनके पति की आयु लंबी होती है और उनके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही भगवान शिव और पार्वती की कृपा से मनचाही इच्छाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत नारी शक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
सुझाव: इस दिन हरे वस्त्र पहनें, सोलह श्रृंगार करें और समूह में लोकगीत-भजन गाकर तीज का उल्लास बढ़ाएं।
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