गोंडा में बोलेरो नहर में गिरी, 11 की दर्दनाक मौत से मचा कोहराम
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को शोक और सन्नाटे में डाल दिया। एक बोलेरो वाहन, जिसमें 15 श्रद्धालु सवार थे, वह अचानक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। यह हादसा इतना भयावह था कि 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 लोग किसी तरह जान बचाने में सफल रहे।
यह दर्दनाक दुर्घटना गोंडा के इटियाथोक थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब बोलेरो वाहन में सवार सभी लोग जिले के ही मोतीगंज इलाके से पृथ्वीनाथ मंदिर जल चढ़ाने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि रेहरा बेलवा बहुता नहर के पास अचानक ड्राइवर का वाहन से नियंत्रण हट गया और तेज रफ्तार बोलेरो सीधे नहर में जा गिरी। वाहन पलटते ही चीख-पुकार मच गई, लेकिन जब तक स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत की पुष्टि ने दुख को और भी गहरा कर दिया है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। नहर में डूबे लोगों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों और राहत-बचाव दल की मदद ली गई। चार लोगों को जीवित निकाला गया, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। प्रशासनिक टीम पूरी तरह से मौके पर जुटी रही, राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की कोताही न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर रवाना हो गए। खुद एसपी गोंडा विनीत जायसवाल और जिलाधिकारी ने मोर्चा संभाला और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट कर कहा — “यह दुर्घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति एवं परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति मिले। घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।”
फिलहाल, गोंडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बोलेरो वाहन कैसे अनियंत्रित हुआ। क्या यह ड्राइवर की लापरवाही थी या फिर तकनीकी खराबी? स्थानीय लोग अभी भी सदमे में हैं और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। इस हादसे ने सावधानी और सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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