गाज़ा ही नहीं, सूडान में भी भुखमरी से मौतें, 2023 से जारी गृहयुद्ध ने बढ़ाया संकट

जारी मानवीय संकट ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है, लेकिन इसके साथ ही सूडान भी भुखमरी की भयावह स्थिति का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने गाज़ा में आधिकारिक तौर पर भुखमरी घोषित कर दी है, जबकि सूडान के दक्षिण कोर्डोफ़ान राज्य में हालात लगभग उसी जैसे हैं। वहां चल रहे गृहयुद्ध के कारण भोजन और दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है। डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक, सिर्फ पिछले दो महीनों में कुपोषण से कम से कम 46 लोगों की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

 

सूडान में 2023 से गृहयुद्ध जारी है, जिसने लाखों लोगों को विस्थापित और भूखा रहने पर मजबूर कर दिया है। डॉक्टर्स नेटवर्क ने चेतावनी दी है कि करीब 19 हजार गर्भवती महिलाएं और बच्चों वाली माताएं तुरंत खाद्य सहायता की ज़रूरत में हैं। पर्याप्त पोषण न मिलने से नवजात शिशुओं का वजन बेहद कम हो रहा है और माताओं की हालत लगातार बिगड़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर तुरंत मदद नहीं मिली, तो मौतों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।

 

इस बीच, सूडान की रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (RSF) और सेना के बीच जारी संघर्ष ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। डॉक्टर्स नेटवर्क ने आरोप लगाया है कि RSF जानबूझकर भोजन और दवा की आपूर्ति रोककर भुखमरी को युद्ध की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रही है। कडुगली और दालंज जैसे शहरों में नागरिकों की घेराबंदी की जा रही है, जिससे लाखों लोग मदद से वंचित हैं। इसे मानवता के खिलाफ अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध बताया गया है।

 

अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने गहरी चिंता जताते हुए तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि भुखमरी को हथियार बनाना न केवल निर्दोष नागरिकों की जान ले रहा है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भी बुरी तरह प्रभावित करेगा। सूडान की स्थिति पर वैश्विक मीडिया और दुनिया के बड़े हिस्से का ध्यान गाज़ा की तरह केंद्रित नहीं है, लेकिन यहां का संकट उतना ही खतरनाक और गंभीर है।

 

गाज़ा में भी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अप्रैल से इजराइल ने मानवीय सहायता पर कड़ा प्रतिबंध लगाया हुआ है, जिसके चलते वहां भोजन और दवा की भारी कमी है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, अब तक 61 से ज्यादा लोगों की भुखमरी से मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गाज़ा और सूडान दोनों जगह की स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी चेतावनी है, क्योंकि समय पर कदम न उठाने पर यह मानवीय त्रासदी और भी भयानक रूप ले सकती है।

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