कम उम्र में ‘बाप’ बनने वाला एक्टर बना बॉलीवुड का सिरमौर — अनुपम खेर ने बयां किया करियर का दिलचस्प सफर
अनुपम खेर, जिन्होंने अपने फिल्मी करियर में 500 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं अपनी नई फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ को लेकर। 18 जुलाई को रिलीज हो रही इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान वो टीवी9 भारतवर्ष के शो ‘5 एडिटर्स’ में पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी अब तक की जर्नी को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए।
इस बातचीत में सबसे ज्यादा चर्चा हुई उनके करियर की उस खास बात पर, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई — कम उम्र में बूढ़ों और बापों के रोल निभाना। अनुपम ने बताया कि उन्होंने 29 साल की उम्र में ही 65 साल के बूढ़े का किरदार निभाया था, जो दर्शकों को बेहद पसंद आया। यहीं से उन्हें पिता के रोल्स मिलने लगे।
उन्होंने खुलासा किया कि फिल्म ‘विजय’ (1988) में उन्होंने हेमा मालिनी के पिता की भूमिका निभाई थी, जबकि हकीकत ये है कि हेमा उनसे छह साल बड़ी हैं। शुरुआत में उन्हें इस बात को लेकर काफी संकोच था, लेकिन जब दर्शकों ने उनका अभिनय सराहा, तो उन्होंने खुद पर भरोसा करना सीख लिया।
इतना ही नहीं, अनुपम ने एक फिल्म में ऋषि कपूर के दादा का भी किरदार निभाया था, जबकि वह खुद ऋषि से तीन साल छोटे हैं। इस विषय पर हँसते हुए उन्होंने कहा, “मैंने इतने साल बाप बनकर कुछ तो अच्छा किया है, जो आज इस मंच पर खड़ा हूं।” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस तरह के किरदारों में बहुत मेहनत करनी पड़ती है, क्योंकि उम्र से बड़ी भूमिका को निभाने के लिए दोगुना अभिनय करना पड़ता है।
आज अनुपम खेर उन गिने-चुने अभिनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने उम्र और छवि की सीमाओं से ऊपर जाकर हर किरदार को जिया है। ‘बाप’ के रोल से शुरू हुआ यह सफर उन्हें इंडस्ट्री में ‘बाप’ की ही तरह आदर दिला चुका है — अनुभव, विविधता और कला में परिपक्वता के साथ।
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