योगी सरकार के कैबिनेट में बड़े फैसले: 10 हजार से 25 हजार रुपये तक के स्टांप पत्र होंगे अवैध, जानिए और क्या-क्या हुए महत्वपूर्ण निर्णय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका राज्य के विकास पर दूरगामी असर पड़ेगा। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से बातचीत में इन फैसलों के बारे में जानकारी दी। इन फैसलों में सबसे अहम निर्णय यह है कि 10 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप पत्र अब वैध नहीं माने जाएंगे।

यह निर्णय आने वाले समय में राज्य में स्टांप पत्रों की कानूनी स्थिति को प्रभावित करेगा। हालांकि, मुख्यमंत्री के आदेश के मुताबिक, यह स्टांप पत्र जारी करने की अधिसूचना जारी होने से पहले खरीदे गए पत्रों को 31 मार्च तक वापस किया जा सकेगा या फिर उपयोग में लाया जा सकेगा। इस फैसले से स्टांप की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और राज्य में कागजी कार्यवाही में सुधार होगा।

इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में कुछ और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। बलिया में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि का निशुल्क हस्तांतरण करने की सहमति दी गई। इसके अलावा, बुलंदशहर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए राजकीय कृषि विद्यालय के नाम पर स्थित भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।

सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 300 बेड के गायनी ब्लॉक के निर्माण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई। यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

इन फैसलों को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि योगी सरकार का यह कदम राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत करेगा। वहीं, स्टांप के अवैध होने के फैसले से कागजी प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता और सुगमता आएगी।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक ने यूपी के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो राज्यवासियों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

Share this content:

About The Author

You may have missed