अयोध्या में रामकथा संग्रहालय का निर्माण, श्रद्धालु देख सकेंगे भगवान राम की संपूर्ण लीलाओं का अद्भुत दृश्य

अयोध्या: राम मंदिर के परिसर में अब सिर्फ भगवान श्रीराम के दर्शन ही नहीं होंगे, बल्कि श्रद्धालु भगवान राम से संबंधित सभी महत्वपूर्ण घटनाओं और लीलाओं का अनुभव भी कर सकेंगे। अयोध्या में एक भव्य और अत्याधुनिक रामकथा संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण जल्द ही शुरू होने जा रहा है, जो अगले एक साल में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इस परियोजना की जानकारी दी और बताया कि राम मंदिर परिसर में इस संग्रहालय के जरिए भगवान राम की यात्रा और उनकी लीलाओं को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को इस बारे में बताते हुए कहा कि रामकथा संग्रहालय में श्रद्धालु भगवान राम के जन्म से लेकर लंका विजय तक की सारी लीलाओं का सजीव और अद्भुत दृश्य देख सकेंगे। आधुनिक वीडियो और इमरशिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर इन लीलाओं को इतनी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा कि श्रद्धालु जैसे राम के समय में स्वयं उपस्थित थे, ऐसा अनुभव करेंगे।

राम मंदिर भवन निर्माण समिति और राम मंदिर ट्रस्ट ने इस संग्रहालय के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बैठक में म्यूजियम के लिए गैलरी की संख्या, गैलरी में कौन-कौन सी चीजें रखी जाएंगी, इन सभी पहलुओं पर विचार किया गया है। इसके अलावा, म्यूजियम में बनने वाली गैलरी के लिए अलग-अलग स्क्रिप्ट तैयार की जाएगी, जिसे म्यूजियम के डायरेक्टर द्वारा लिखा जाएगा।

इस परियोजना के लिए कैडमिन नामक एक कंपनी से समझौता किया गया है। कैडमिन कंपनी पहले स्क्रिप्ट तैयार करेगी, उसके बाद उस स्क्रिप्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस स्थान पर वीडियो टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा, कहां इमरशिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, और किन-किन जगहों पर आर्टिफैक्ट डिस्प्ले होंगे। इसके साथ ही, म्यूजियम में होने वाली लाइटिंग और अन्य तकनीकी सुविधाओं को भी निर्धारित किया जाएगा।

इस परियोजना पर काम तेज़ी से चल रहा है, और उम्मीद है कि अगले दो महीने में सभी तकनीकी फैसले और आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद, गैलरी के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा और छह महीने के भीतर गैलरी का निर्माण भी पूरा कर लिया जाएगा। यह म्यूजियम श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल बन जाएगा, जहां वे भगवान श्रीराम की यात्रा के हर पहलू का अनुभव कर सकेंगे।

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि म्यूजियम का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि श्रद्धालुओं को राम के जीवन के प्रत्येक चरण से परिचित कराना है, ताकि वे इतिहास, संस्कृति और धर्म की गहरी समझ प्राप्त कर सकें। इस संग्रहालय के निर्माण से अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ेगा, और यह श्रद्धालुओं के लिए एक अभूतपूर्व अनुभव साबित होगा।

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