उपराष्ट्रपति पद से धनखड़ का इस्तीफा, विपक्ष ने खड़े किए सवाल – INDIA गठबंधन जल्द तय करेगा अपना उम्मीदवार
राष्ट्रपति भवन को भेजे गए पत्र में जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने पत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला बताया। उनके इस अचानक कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब पूरे देश की निगाहें नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर टिकी हैं, और विपक्षी INDIA गठबंधन ने इस चुनौती को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
धनखड़ ने अपने पत्र में लिखा कि वह संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि, उनके इस कदम को लेकर विपक्ष में संदेह जताया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बयान दिया कि “दाल में कुछ काला जरूर है।” विपक्षी नेताओं का मानना है कि सिर्फ स्वास्थ्य कारणों के आधार पर इस्तीफा देना संदिग्ध है, खासकर जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और कई महत्वपूर्ण विधेयक विचाराधीन हैं।
उपराष्ट्रपति पद खाली होने के बाद अब नए चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। INDIA गठबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वह एकजुट होकर उम्मीदवार तय करेगा। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि “एनडीए की ओर से नाम आने के बाद ही हम कोई चेहरा घोषित करेंगे। लेकिन हमारा प्रत्याशी सभी दलों की सामूहिक सहमति से होगा।” गठबंधन की एक आपात बैठक भी जल्द बुलाई जा रही है।
2022 में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा को उतारा था, लेकिन एनडीए उम्मीदवार धनखड़ ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। उस समय INDIA गठबंधन अस्तित्व में नहीं आया था। अब 2025 में यह गठबंधन अपनी ताकत का पहला बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है, जिससे यह साफ होगा कि मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष कितना संगठित है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि एनडीए अपने अगले उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर किसे सामने लाता है और क्या विपक्ष इस बार किसी मजबूत व सर्वमान्य चेहरे को खड़ा कर पाता है या नहीं। आगामी दिनों में देश की राजनीति में कई नए समीकरण बनते-बिगड़ते दिख सकते हैं।
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