खातों में लोग करते रहे जमा, डाकपाल चुपचाप निकालता रहा पैसे – खुला ऐसा घोटाला कि सब रह गए हैरान”
लखनऊ के सरोजनीनगर के पिपरसंड डाकघर में एक ऐसा घोटाला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया है। लोग जहां अपने मेहनत की कमाई सुरक्षित रखने के लिए डाकघर में पैसा जमा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर शाखा डाकपाल चुपचाप उनकी जमा पूंजी निकालता रहा। धीरे-धीरे जमा राशि को हड़पते-हड़पते मामला लाखों तक पहुंच गया और अब इसका खुलासा होते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शाखा डाकपाल रौनक शुक्ला ने कई खातों से कुल 3.03 लाख रुपये की हेराफेरी की। यानी ग्राहक अपने खातों में पैसा जमा करते रहे, और वह मौक़ा पाते ही उसमें से पैसे निकालता रहा – वो भी बिना उनकी जानकारी के।
बड़ी कार्रवाई शुरू, एफआईआर दर्ज
घोटाले की भनक लगते ही विभाग हरकत में आया। पश्चिमी उपमंडल के सहायक अधीक्षक हरिहरनाथ मणि त्रिपाठी, जो फिलहाल दक्षिणी जोन का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, उन्होंने पूरे मामले की पड़ताल के बाद सरोजनीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। शाखा डाकपाल रौनक शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, और अब तक उससे 1.89 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है। हालांकि, अभी भी एक बड़ा हिस्सा बकाया है।
डॉक्युमेंट भी गायब, और भी बढ़ सकता है घोटाले का दायरा
घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब 24 जनवरी 2025 को विभागीय सॉफ्टवेयर के अनुसार पिपरसंड शाखा का अंतिम शेष 1.83 लाख रुपये दिख रहा था, तब मौके पर डाकघर में एक भी रुपया नकद मौजूद नहीं था। इसके अलावा, इस लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि डाकपाल ने कम से कम दो अलग-अलग खाताधारकों के खातों से भी नकद निकासी की, और वह भी अलग-अलग दिनों में – बिना ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के।
बड़े घोटाले की आशंका, अन्य शिकायतें भी सामने आईं
अभी जांच शुरुआती चरण में है, लेकिन पहले ही इतनी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं कि अधिकारियों को और भी बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका सता रही है। इस बीच अन्य खाताधारकों की ओर से भी गड़बड़ी की कई शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है।
विभाग अब इस पूरे मामले की डिटेल ऑडिट करवा रहा है और जरूरत पड़ने पर अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
ग्राहकों में आक्रोश, भरोसे पर लगा सवालिया निशान
इस खुलासे के बाद से पिपरसंड डाकघर के खाताधारकों में गुस्सा और घबराहट दोनों है। जिन लोगों ने वर्षों की बचत डाकघर में जमा कर रखी थी, उनके मन में अब असुरक्षा की भावना है। कई लोग डाकघर पहुंचकर अपने खातों की जानकारी मांग रहे हैं और विभाग से भरोसा बहाल करने की अपील कर रहे हैं।
अधिकारियों का दावा: दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। शाखा डाकपाल रौनक शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हो चुका है और आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये घोटाला यहीं खत्म होता है या जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे होंगे। फिलहाल एक बात साफ है – डाकघर जैसा भरोसेमंद संस्थान भी अब सवालों के घेरे में है।
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