टेरीटोरियल आर्मी में भर्ती के नाम पर जम्मू-कश्मीर और पंजाब के युवाओं से ठगी, यूपी STF ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने प्रादेशिक सेना में भर्ती दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। गिरोह के तीन सदस्य—अजय कुमार (फिरोजाबाद), दीपक सिंह (हाथरस) और सुनील कुमार (सीतापुर)—को आगरा के हरिपर्वत थाना क्षेत्र के टीपीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड, नियुक्ति पत्र, नकली मेडिकल पास और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

STF को इनपुट मिला था कि कुछ लोग युवाओं को टेरीटोरियल आर्मी में भर्ती के नाम पर फर्जी दस्तावेज देकर धोखा दे रहे हैं। सूचना के आधार पर जब गहन निगरानी की गई, तो जांच में पाया गया कि यह गिरोह खासतौर पर जम्मू-कश्मीर और पंजाब के युवाओं को निशाना बना रहा है—जहां सेना में भर्ती को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जाता है। आरोपी युवाओं को झूठे दस्तावेज दिखाकर यह विश्वास दिलाते थे कि वे टेरीटोरियल आर्मी में चयनित हो चुके हैं और इसके बदले उनसे 30,000 से 1.4 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।

पूछताछ में सामने आया कि कई युवाओं ने इन फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर घरों में जश्न भी मना लिया था, लेकिन बाद में जब सच्चाई सामने आई तो वे टूट गए। STF की टीम ने गिरफ्तारियों के साथ ही गिरोह से जुड़े बाकी लोगों की तलाश भी शुरू कर दी है। अब तक जो दस्तावेज मिले हैं, वे इस बात की पुष्टि करते हैं कि आरोपी काफी योजनाबद्ध तरीके से यह ठगी कर रहे थे।

इस मामले में जिन खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए थे, उनमें से एक खाता दीपक कुमार शर्मा नामक व्यक्ति का है, जो गिरोह को फर्जी दस्तावेज तैयार करके देता था। STF का कहना है कि यह सिर्फ एक हिस्से का खुलासा है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

युवाओं से STF ने अपील की है कि वे सेना भर्ती से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में शामिल होने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी जरूर लें और किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध ऑफर से बचें। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी का शिकार बनना न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी हानिकारक है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

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