लखनऊ में तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को कुचला, आठ महीने के मासूम की मौत, मां और सहयोगी गंभीर घायल
लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसमें तेज रफ्तार कार ने घर लौट रहे मजदूरों को रौंद डाला। इस हादसे में महिला मजदूर पूनम की गोद में खेल रहे आठ महीने के मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पूनम और उसका एक सहयोगी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना सिंघामऊ गांव के पास उस समय हुई जब पूनम और उसका साथी मजदूर दिनभर काम करने के बाद निर्माणाधीन रिसॉर्ट से अपने घर लौट रहे थे। उसी वक्त रिसॉर्ट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत सुनील एक तेज रफ्तार काले रंग की कार से निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधा मजदूरों के ऊपर चढ़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पूनम की गोद से उसका मासूम बेटा छिटक कर सड़क पर गिरा और सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गुस्साए मजदूरों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन इसी बीच आरोपी सुपरवाइजर सुनील कार समेत रिसॉर्ट का गेट तोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। मृत बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
इटौंजा थाना प्रभारी मार्कंडेय यादव ने बताया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने अपनी ओर से जांच शुरू कर दी है। आरोपी कार चालक सुनील की तलाश जारी है। यह हादसा न केवल तेज रफ्तार गाड़ियों के खतरे को उजागर करता है, बल्कि मजदूरों की असुरक्षित स्थिति और लापरवाह प्रोजेक्ट प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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