ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और रूस से जुड़ी दो बड़ी खबरों ने बढ़ाई सियासी हलचल
ईरान में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिका और रूस से जुड़ी दो अहम घटनाओं ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। पहली खबर यह है कि अमेरिका ने ईरान की सीमा के पास अपनी खास डेल्टा फोर्स को तैनात कर दिया है, जबकि दूसरी ओर एक ब्रिटिश अधिकारी ने दावा किया है कि तेहरान से सोना रूस भेजा जा रहा है। इन घटनाओं को खामेनेई सरकार के लिए बड़े खतरे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिकी डेल्टा फोर्स की तैनाती को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। यह वही स्पेशल फोर्स यूनिट है जिसने हाल ही में वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया था। हालांकि अमेरिका की ओर से इस तैनाती को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन सैन्य हलकों में इसे ईरान पर संभावित दबाव या बड़े कदम की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर ब्रिटेन के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि तेहरान में एक रूसी विमान उतरा है, जो बड़ी मात्रा में सोना लेकर मॉस्को लौटने वाला है। ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो अली खामेनेई रूस की शरण ले सकते हैं। ईरान सरकार की ओर से इस रिपोर्ट का न तो खंडन किया गया है और न ही कोई स्पष्टीकरण आया है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।
ईरान के भीतर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते 12 दिनों से 26 प्रांतों में खामेनेई सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार ने लोगों को शांत करने के लिए हर नागरिक को 7 डॉलर मासिक सहायता देने का ऐलान भी किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा। प्रदर्शनकारियों की मांग साफ है—खामेनेई का सत्ता से हटना और नए चुनाव।
इन प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहीं पीपुल्स मुजाहिद संगठन की प्रमुख मरियम रजवी का दावा है कि यह 1979 की क्रांति के बाद सबसे बड़ा जनआंदोलन है। उनका कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर चुनाव की घोषणा होती है तो प्रदर्शन खत्म किए जा सकते हैं। वहीं ईरान सरकार इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे मोसाद और CIA का हाथ बता रही है। इसी बीच अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर ग्राहम लिंडसे के तख्तापलट से जुड़े बयान ने हालात को और ज्यादा विस्फोटक बना दिया है।
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