टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले बेचैनी में बीती थी रोहित शर्मा की रात, बोले- पैरों में जान नहीं थी… अंदर से बहुत डरा हुआ था
29 जून 2024… क्रिकेट इतिहास का वो सुनहरा दिन, जब भारत ने 11 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की। लेकिन इस ऐतिहासिक फाइनल से एक रात पहले क्या बीती थी टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा पर? अब, पूरे एक साल बाद, खुद रोहित ने उस रात की बेचैनी और अपनी घबराहट से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है, जो हर क्रिकेट प्रेमी को हैरान कर देगा।
टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 7 रनों से हराकर खिताब जीता था। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि 11 साल के उस सूखे का अंत था, जिसने भारतीय क्रिकेट को लगातार परेशान किया। भारत ने इससे पहले 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी और 2007 के बाद पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। लेकिन जीत से पहले कप्तान रोहित शर्मा की जो मानसिक स्थिति थी, वह अब जाकर सामने आई है।
रोहित शर्मा ने जियो हॉटस्टार से बातचीत में बताया कि फाइनल से एक रात पहले वह लगभग पूरी रात नहीं सो पाए थे। उन्होंने कहा, “मैं बहुत नर्वस था। मैं अपने पैरों को महसूस नहीं कर पा रहा था। मैं इसे बाहर से जाहिर नहीं करता, लेकिन अंदर से बहुत ज्यादा घबराया हुआ था। मैं सिर्फ वर्ल्ड कप के बारे में ही सोच रहा था। मेरे लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं था, यह 13 साल की तपस्या का फल था।”
रोहित ने आगे बताया कि उन्होंने सुबह सात बजे ही उठकर मैदान की तरफ देखना शुरू कर दिया था। उन्हें पता था कि कुछ ही घंटों में उनके करियर का सबसे बड़ा फैसला होने वाला है। उन्होंने कहा, “मैं बस मैदान को निहारता रहा। सोचता रहा कि दो घंटे में हम मैदान पर होंगे और चार घंटे बाद सब कुछ तय हो जाएगा – या तो कप हमारा होगा या नहीं।”
इस यादगार फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाए थे, जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 169 रन पर ही सिमट गई थी। इस जीत के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों ने ही टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, जिससे यह जीत और भी भावुक हो गई थी।
टी-20 वर्ल्ड कप 2024 की पहली सालगिरह पर रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम पर भी एक खास वीडियो शेयर किया, जो फैंस के बीच तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने उन अनकहे पलों को साझा किया है जो मैदान के पीछे घटे, और जो कभी कैमरे में कैद नहीं हो पाए थे।
यह कहानी सिर्फ एक ट्रॉफी की नहीं, बल्कि उस कप्तान के जज़्बे की है, जिसने पूरे देश का सपना पूरा करने के लिए अपनी नींद, चैन और हर भावना कुर्बान कर दी।
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