उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चंपावत दौरे के दौरान माँ पूर्णागिरी धाम मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान पार्किंग, पेयजल, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में लगे हुए हैं, जिससे प्रदेश के संतुलित विकास में बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और मूल स्वरूप की रक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो जनहित में कठोर निर्णय लेने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस की नीतियों पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि प्रस्तावित शारदा कॉरिडोर परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाला महत्वपूर्ण प्रकल्प साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पहले चरण में लगभग 179 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके अतिरिक्त मास्टर प्लान के तहत गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी तेजी लाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 430 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
धामी ने बताया कि टनकपुर में लगभग 238 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। इसके पूरा होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी और पर्यटकों के लिए आवागमन अधिक सुगम बनेगा। इसके अलावा उन्होंने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्य में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और युवा शक्ति को सशक्त बनाना राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री काली कुमाऊं होली रंग महोत्सव और खटीमा में आयोजित होली मिलन समारोह में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने जनता से संवाद किया और लोगों के साथ होली खेली। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता का विश्वास और सहयोग सरकार की सबसे बड़ी ताकत है, और सरकार आस्था, संस्कृति तथा विकास के मार्ग पर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण से है, जिसे और मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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