शाहजहांपुर: भांजे के दोस्त ने गैंगस्टर अभिषेक मौर्या की हत्या की, महिला मित्र से छेड़छाड़ बनी वजह

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर अभिषेक मौर्या उर्फ शेखर की हत्या का राज आठ महीने बाद खुल गया। पुलिस जांच में पता चला कि शेखर की हत्या उसके ही भांजे के दोस्त कुलदीप दुबे ने की थी। हत्या की मुख्य वजह यह रही कि शेखर लगातार कुलदीप की महिला मित्र को परेशान कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2024 में शेखर कानपुर के कल्याणपुर अपनी बहन सीमा के घर आया था। उसके भांजे अभय कुशवाहा ने शेखर को अपने मित्र कुलदीप के घर ले जाने की पेशकश की। कुछ दिन वहां ठहरने के दौरान शेखर ने कुलदीप की महिला मित्र के साथ छेड़छाड़ और दबाव बनाने की कोशिश की, जिससे आक्रोशित कुलदीप ने 15 दिसंबर 2024 को उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद कुलदीप ने अभय और उसके छोटे भाई युवराज को पूरी घटना की जानकारी दी। तीनों ने मिलकर शव को बोरी में बंद करके अर्मापुर नहर में फेंक दिया। इस साजिश में शेखर का बड़ा भाई अजीत मौर्या भी शामिल था। 27 दिसंबर 2024 को नहर से अज्ञात शव मिला, लेकिन पहचान नहीं हो सकी।

करीब आठ महीने बाद शेखर की पत्नी शालू देवी ने सोशल मीडिया पर खबर देखकर हाथ पर बने ‘मां’ और दिल के टैटू के साथ शव की पहचान की। इसके बाद अर्मापुर पुलिस और एसटीएफ लखनऊ की संयुक्त कार्रवाई में चारों आरोपियों—कुलदीप दुबे, अजीत मौर्या, अभय कुशवाहा और युवराज—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि अभिषेक मौर्या पहले से ही अपराध जगत में कुख्यात था। उस पर हत्या, लूट और गैंगस्टर एक्ट के तहत 16 से अधिक मुकदमे दर्ज थे और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया हत्या की मुख्य वजह आरोपी कुलदीप की महिला मित्र के साथ शेखर की छेड़छाड़ रही, और आठ महीने पुरानी यह गुत्थी टैटू और सोशल मीडिया की मदद से सुलझ सकी।

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