‘सरजमीन’ रिव्यू: देशभक्ति और पारिवारिक भावना के टकराव में उलझी कहानी, इब्राहिम ने किया चौंकाया
ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो सिनेमा पर रिलीज हुई कायोज ईरानी की डेब्यू फिल्म ‘सरजमीन’ एक पैट्रियोटिक ड्रामा है, जो युद्ध, परिवार और रहस्य की तीन धाराओं को एक साथ समेटने की कोशिश करती है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में पृथ्वीराज सुकुमारन, काजोल और इब्राहिम अली खान हैं। यह फिल्म एक सैनिक के कर्तव्य और एक पिता की भावनात्मक जद्दोजहद को दिखाती है, लेकिन कहीं न कहीं इसकी कहानी का संतुलन डगमगाता नजर आता है।
कहानी की शुरुआत मेजर विजय मेनन (पृथ्वीराज) से होती है, जो सीमा पर अपने पराक्रम के लिए सम्मानित होते हैं, लेकिन अपने घर में एक दूरी का एहसास लिए रहते हैं। पत्नी मेहर (काजोल) और बेटा हरमन उस जीवन में सामंजस्य बैठाने की कोशिश करते हैं, जो देशभक्ति से ओतप्रोत है लेकिन पारिवारिक गर्माहट से वंचित। एक आतंकी घटना के चलते विजय को अपने बेटे और देश के बीच चुनाव करना होता है, और वह देश को चुनते हैं, जिससे कहानी का इमोशनल मोड़ आता है।
आठ साल बाद की टाइमलाइन में जब विजय अपने खोए बेटे से एक राहत अभियान में दोबारा मिलता है, फिल्म का रहस्य और मनोवैज्ञानिक तनाव शुरू होता है। अब बड़ा हो चुका हरमन (इब्राहिम अली खान) वही है या नहीं, यह सवाल फिल्म को एक थ्रिलर की दिशा में मोड़ता है। इब्राहिम का किरदार जटिल है और वह अपनी पहली बड़ी फिल्म में उम्मीद से बेहतर काम करते हैं, खासकर उन दृश्यों में जहां मासूमियत की झलक देनी होती है। हालांकि, एक्शन दृश्यों और भारी इमोशनल मोमेंट्स में वे थोड़ा कमज़ोर दिखते हैं।
काजोल फिल्म की सबसे सशक्त कड़ी साबित होती हैं। मां के किरदार में उनका संतुलन, संवेदना और पीड़ा दर्शकों को जोड़कर रखती है। वहीं पृथ्वीराज, जो अक्सर इस तरह के गंभीर रोल में मजबूत रहे हैं, इस बार थोड़े सीमित लगते हैं—शायद पटकथा में उनके किरदार को अपेक्षित गहराई नहीं मिल पाई।
निर्देशक कायोज ईरानी का प्रयास सराहनीय है, लेकिन पटकथा दो समानांतर ट्रैकों—एक पारिवारिक और दूसरी जासूसी थ्रिलर—को एकसाथ साधने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती। यही कारण है कि फिल्म के कई हिस्सों में गति और भावना का असंतुलन दिखता है।
‘सरजमीन’ एक देखने लायक फिल्म है, खासकर उन दर्शकों के लिए जो इमोशनल ड्रामा और देशभक्ति को साथ देखने की चाह रखते हैं। काजोल और इब्राहिम का काम असरदार है, और अगर आप कुछ नया और थोड़ा रहस्यपूर्ण देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में होनी चाहिए।
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