आशियाना में उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश: 11 नवंबर से होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव
लखनऊ। राजधानी के आशियाना में 11 से 16 नवंबर तक आयोजित होने वाले श्री आदिवीश्वर चौबीसी मानस्तंभ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए बुधवार को पूज्य उपाध्याय श्री 108 विहसंत सागर जी महाराज ने आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। प्रातः 7 बजे गाजे-बाजे के साथ हुए मंगल प्रवेश पर श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुवर का भव्य स्वागत किया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से गुरुवर की आरती उतारी और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में पूज्य गुरुवर ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा केवल मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठित करने की कला नहीं, बल्कि भक्त को भगवान बनने की शिक्षा देने का माध्यम है। जब मंत्रों के माध्यम से एक पाषाण को भगवान के रूप में प्रतिष्ठित किया जा सकता है, तो मनुष्य भी भाव, भक्ति और साधना के माध्यम से अपने जीवन को दिव्य बनाकर भगवान बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
पूज्य गुरुवर अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे
मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि 11 नवंबर से प्रारंभ होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के सभी पात्रों का चयन हो चुका है। पूज्य गुरुवर के चातुर्मास का निष्ठापन दीपावली के दिन भगवान महावीर के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर संपन्न होगा। इसके साथ ही चातुर्मास की चार माह की अवधि भी पूर्ण हो जाएगी। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के उपरांत पूज्य गुरुवर अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे।
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