UP विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान: 14.81 लाख मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग, 12,309 मतदान कार्मिकों की लगी ड्यूटी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक चलेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के शेष 72 जनपदों में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इन 11 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 14,81,310 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए प्रदेशभर में 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं, जबकि चुनाव मैदान में कुल 152 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को सुबह 10 बजे लखनऊ के गोमती नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय, विकास खंड-2 के बूथ संख्या 224 (स्नातक) पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि विधान परिषद के पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह आठ बजे से शुरू होकर शाम चार बजे तक चलेगा। निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थापन से संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव
विधान परिषद के पांच खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और बरेली-मुरादाबाद शामिल हैं। वहीं, छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। इन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के लिए निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 11 प्रेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी लगाई गई है। मतदान स्थलों पर माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात करने के साथ ही वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया की निगरानी की जा सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
12,309 मतदान कार्मिकों की लगाई गई ड्यूटी
मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन और कर्मचारी लगाए गए हैं। निर्वाचन कार्य के लिए 1,108 भारी वाहन, 1,737 हल्के वाहन और कुल 12,309 मतदान कार्मिकों की तैनाती की गई है। मतदान दलों को निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाने और चुनाव सामग्री की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। निर्वाचन आयोग का जोर मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने और सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मतदान केंद्रों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि मतदाता निर्भीक होकर मतदान कर सकें और निर्वाचन प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो।
लखनऊ में 1.16 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,16,491 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 96,070 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 20,421 मतदाता शामिल हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 259 मुख्य और सहायक मतदान बूथ बनाए गए हैं। मतदान की तैयारियों के तहत बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रमाबाई रैली स्थल से पोलिंग पार्टियों को मतपेटियों और मतपत्रों के साथ रवाना किया गया। जिलाधिकारी विशाख जी. ने बताया कि जिले में मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। मतदान संपन्न होने के बाद सील मतपेटियों को आशियाना स्थित रमाबाई रैली स्थल के संग्रहण केंद्र में पहुंचाया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतगणना 27 अक्तूबर को कराई जाएगी।
सरोजनीनगर में सबसे अधिक मतदाता
लखनऊ के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से सरोजनीनगर सबसे आगे है। यहां कुल 16,935 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद लखनऊ पूर्व में 15,740 और बख्शी का तालाब में 13,457 मतदाता हैं। लखनऊ उत्तर में 11,791 और लखनऊ पश्चिम में 11,052 मतदाता दर्ज हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की बात करें तो सरोजनीनगर में 3,585, लखनऊ पश्चिम में 3,383 और लखनऊ उत्तर में 3,253 मतदाता हैं। जिला प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वे मतदान के लिए निर्धारित समय के भीतर अपने केंद्र पर पहुंचें और पहचान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वोटर कार्ड नहीं होने पर इन दस्तावेजों से कर सकेंगे मतदान
मतदान के लिए मतदाताओं को अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी मतदाता के पास वोटर कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर अपनी पहचान साबित कर सकता है। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों अथवा अन्य निर्धारित संस्थानों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र, संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक के रूप में मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान का पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र और विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) भी निर्धारित नियमों के अनुसार मान्य होंगे।
मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पर प्रतिबंध
मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रचार संबंधी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दायरे में टेबल लगाने, पोस्टर, झंडे, लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही अनधिकृत वाहनों को खड़ा करने और भीड़ जुटाने पर भी रोक रहेगी। मतदाताओं को मतपत्र पर अपनी पसंद दर्ज करने के लिए पीठासीन अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। अपने पेन से मतपत्र पर निशान लगाने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्वाचन संबंधी नियमों का पालन करने और मतदान केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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