UP के 9 जिलों में 23 अक्टूबर को शराब की दुकानें रहेंगी बंद: लखनऊ में 27 अक्टूबर तक लगी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने शराब की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके तहत 23 अक्टूबर को प्रदेश के नौ जिलों में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। प्रशासन के इस निर्णय का उद्देश्य चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, मतदान प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकना और निर्वाचन क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना है। आदेश के तहत निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी और संबंधित प्रतिष्ठानों को इसका कड़ाई से पालन करना होगा।

बार-मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन में भी नहीं होगी बिक्री

प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, शराब बिक्री पर प्रतिबंध केवल सामान्य शराब की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके दायरे में बार, मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन भी शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर निर्धारित अवधि के दौरान शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि चुनाव के दौरान शराब के वितरण या बिक्री के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को रोकने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और प्रतिबंधित अवधि में किसी भी तरह की अनियमितता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

लखनऊ में पांच दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें

राजधानी लखनऊ में शराब बिक्री को लेकर प्रशासन ने और सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन के फैसले के अनुसार, लखनऊ में 23 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। जहां प्रदेश के नौ जिलों में 23 अक्टूबर को शराब बिक्री पर रोक लागू रहेगी, वहीं लखनऊ में यह प्रतिबंध पांच दिनों तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में शराब खरीदने वाले लोगों को निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए अपनी योजना बनानी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस और आबकारी विभाग रखेंगे निगरानी

चुनाव के मद्देनजर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें निगरानी करेंगी, ताकि प्रतिबंधित अवधि के दौरान कहीं भी अवैध रूप से शराब की बिक्री न हो सके। दुकान संचालकों को भी जारी आदेशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। चुनाव के दौरान शराब की बिक्री पर रोक लगाना निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए अपनाई जाने वाली सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी तरह के अनुचित प्रभाव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

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