मायावती का नौ साल बाद शक्ति प्रदर्शन: बसपा सरकार बनने पर सभी कानून बदले जाएंगे

लखनऊ में नौ साल बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक भव्य शक्ति प्रदर्शन किया। इस रैली में प्रदेश भर से लाखों कार्यकर्ता पहुंचे। मंच से उन्होंने साफ कहा कि यदि बसपा की सरकार बनी तो वे उन सभी कानूनों को बदल देंगी जो दलितों और पिछड़ों के खिलाफ हैं। मायावती ने कहा कि राज्य में ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सोच वाली सरकार बनेगी, जिससे लोगों को अपनी रोज़ी-रोटी के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।

मायावती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अन्य दलों की तरह यहाँ कोई पैसे देकर नहीं बुलाया गया, बल्कि सभी अपने खून-पसीने की कमाई खर्च करके आए हैं। उन्होंने पार्टी नेता आकाश आनंद की तारीफ करते हुए समर्थकों से हर परिस्थिति में उनका समर्थन करने की अपील की।

रैली में मायावती ने कहा कि वह किसी भी कसर नहीं छोड़ेंगी और बसपा ही वह पार्टी है जो बाबा साहेब के संविधान को सुरक्षित रख सकती है। उन्होंने बूथ स्तर पर छोटी-छोटी सभाओं के माध्यम से बसपा के यूपी में चार बार शासनकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने साफ किया कि यूपी में बसपा अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी। गठबंधन करने पर बसपा का वोट सहयोगी दलों को मिल जाता है और पार्टी को उसका वास्तविक वोट नहीं मिलता। 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद जातिवादी पार्टियों ने साजिश करके बसपा को कमजोर करने की कोशिश की थी।

मायावती ने सपा, कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दलों ने पदोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और दलितों-पिछड़ों को उनका हक नहीं दिया। सपा ने तो सदन में आरक्षण बिल तक फाड़ दिया था। साथ ही, कांग्रेस द्वारा इमर्जेंसी लगाकर बाबासाहेब के संविधान का अपमान करने का भी जिक्र किया।

उन्होंने ये भी कहा कि सपा सरकार में दलितों और पिछड़ों का उत्पीड़न हुआ और कानून व्यवस्था चरमरा गई। गुंडों और अराजकतत्वों को संरक्षण मिला। वहीं, भाजपा सरकार की तुलना करते हुए मायावती ने कहा कि योगी सरकार ने स्मारक के रखरखाव के लिए उचित खर्च किया और टिकट से आए पैसे को दबाया नहीं।

रैली में मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि दी और उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने यह संदेश भी दिया कि बसपा की सरकार बनने पर सभी न्यायसंगत और दलित हितकारी कानून लागू किए जाएंगे, ताकि प्रदेश में समानता और न्याय सुनिश्चित हो।

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