लखनऊ में आजाद समाज पार्टी का महाप्रदर्शन, चंद्रशेखर आजाद पर मथुरा में पथराव के बाद राजधानी में पुलिस अलर्ट!

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद पर मथुरा में हुए पथराव के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में उबाल आ गया है। चंद्रशेखर आजाद पर हमले के खिलाफ आजाद समाज पार्टी ने लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया। इस प्रदर्शन के तहत आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजभवन घेराव के लिए मार्च शुरू कर दिया है, जिससे राजधानी लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

मथुरा में पथराव की घटना के बाद लखनऊ में हंगामा

मथुरा में चंद्रशेखर आजाद पर हुए पथराव की घटना ने पूरे प्रदेश में सियासी तूफान मचा दिया है। इस हमले को लेकर आजाद समाज पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन की घोषणा की थी। लखनऊ में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता राजभवन की तरफ बढ़े, जिसके चलते प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम और बापू भवन सचिवालय के तीन प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है, साथ ही हजरतगंज के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है।

पुलिस की सख्ती, राजभवन के रास्ते बंद

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। राजभवन की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटा जा सके। परिवहन निगम की बसों को अवध बस स्टॉप से वापस किया जा रहा है और करीब 3 किलोमीटर इलाके को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। लखनऊ के अधिकांश हिस्सों में पुलिस तैनात है और शहर को पूरी तरह से कड़ी निगरानी में रखा गया है।

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस का शिकंजा

लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई पार्टी नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इन नेताओं में जिला संगठन मंत्री सूफियान खान और नगर महासचिव मोहम्मद दाऊद के नाम शामिल हैं। इसके अलावा, बरेली में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को रविवार रात देर तक हिरासत में लिया गया, जो चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए लखनऊ आ रहे थे। पुलिस ने उनके विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पहले ही कदम उठाए थे और भारी पुलिस बल तैनात किया था।

चंद्रशेखर आजाद का पैदल मार्च, पुलिस ने किया कड़ा इंतजाम

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपने समर्थकों को परिवर्तन चौक से पैदल मार्च करने का आह्वान किया था, लेकिन पुलिस ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के कारण प्रदर्शनकारियों की कोई भी गतिविधि शांतिपूर्वक रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। चंद्रशेखर आजाद के साथ प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष सौरभ किशोर, प्रदेश कोषाध्यक्ष अमित गौतम, प्रदेश सचिव अनिकेत धानुक, जिलाध्यक्ष अजय भारती और कई जिलों से पार्टी कार्यकर्ता राजधानी में पहुंचे हैं।

राजधानी में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था

लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रखी है और अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा गया है और किसी भी तरह की अफरा-तफरी से निपटने के लिए सभी तैयारी की गई है।

आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। पार्टी ने साफ कहा है कि जब तक चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले का सही तरीके से समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पार्टी ने विरोध जताया है।

लखनऊ में होने वाले इस बड़े प्रदर्शन को लेकर प्रदेशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है। यह देखना बाकी है कि इस प्रदर्शन का क्या असर होगा और चंद्रशेखर आजाद की पार्टी अपने आंदोलन के जरिए प्रदेश की राजनीति में कौन सा नया मोड़ लाती है।

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