यूपी की सियासत में बड़ा खेल – योगी कैबिनेट में बदलाव, बीजेपी संगठन में फेरबदल की पूरी पटकथा तैयार!
उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक बड़ा मोड़ देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी के अंदर बदलावों का दौर शुरू हो गया है। योगी कैबिनेट में फेरबदल से लेकर बीजेपी संगठन में बदलाव तक के कयास लगाए जा रहे हैं। रविवार को सीएम योगी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद से यूपी की सियासी हलचल तेज हो गई है। मुलाकात के दौरान, सीएम योगी ने प्रधानमंत्री से जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तारीख मांगी, लेकिन इस बैठक के बाद से मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
महाकुंभ के बाद दिल्ली दौरे में योगी ने उठाए अहम मुद्दे
महाकुंभ आयोजन के बाद सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और रविवार को प्रधानमंत्री मोदी से भी बातचीत की। उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मंथन जारी है और योगी कैबिनेट में अभी छह मंत्री पद खाली पड़े हैं। ऐसे में इस मुलाकात को सरकार और संगठन में बदलाव की सहमति बनाने के रूप में देखा जा रहा है। होली के बाद बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या योगी सरकार में भी बड़ा फेरबदल होगा?
2024 के चुनाव के बाद बीजेपी की रणनीति
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही दो साल दूर हो, लेकिन बीजेपी ने अपनी राजनीतिक रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। पार्टी के सामने एक बड़ा चुनौती सपा के पीडीए पॉलिटिक्स (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से उभरने की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के अखिलेश यादव ने बीजेपी को यूपी में जबरदस्त झटका दिया था, जिससे बीजेपी का सवर्ण-पिछड़ा-दलित वोट बैंक कमजोर हुआ और प्रदेश की राजनीति में बदलाव देखने को मिला।
हालांकि विधानसभा उपचुनाव में सीएम योगी के नेतृत्व में बीजेपी ने मजबूती से वापसी की, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव की राह अब भी आसान नहीं है। यही कारण है कि बीजेपी ने अब से ही अपने चुनावी समीकरण को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। सीएम योगी ने एक इंटरव्यू में यह भी कहा कि उन्होंने 2027 के चुनावों की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। यही कारण है कि दिल्ली में हुई सीएम योगी की मुलाकात को मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में बदलाव की दिशा में अहम माना जा रहा है।
होली के बाद बड़ा बदलाव, क्या होगा मंत्रिमंडल का विस्तार?
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद यह माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ अपनी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। योगी सरकार में मंत्री रहे जितिन प्रसाद के लोकसभा सांसद बनने के बाद इस्तीफा देने से एक पद खाली हो गया था। साथ ही, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की जगह नए अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भूपेंद्र चौधरी की योगी कैबिनेट में वापसी हो सकती है, क्योंकि वह पहले मंत्री रह चुके हैं और संगठन की बागडोर संभालने से पहले मंत्री के रूप में सक्रिय थे।
योगी सरकार में वर्तमान में 54 मंत्री हैं जबकि अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं, यानी छह मंत्री पद खाली हैं। इस स्थिति में योगी कैबिनेट का विस्तार लंबे समय से प्रस्तावित था। हाल ही में योगी सरकार ने अपने कई मंत्रियों के कामकाज और जमीन पर उनके असर की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि होली के बाद योगी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव हो सकता है, जो 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत अहम होगा।
बीजेपी की रणनीति: सपा के पीडीए को काउंटर करना
सपा द्वारा तैयार किए जा रहे पीडीए समीकरण का मुकाबला करने के लिए बीजेपी संगठन में फेरबदल की योजना पर काम कर रही है। बीजेपी के संगठन में जिला स्तर पर भी पिछड़ा और दलित वर्ग को विशेष प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। साथ ही, बीजेपी यादव जाति के नेताओं को भी संगठन में जिम्मेदारी दे रही है। लोकसभा चुनाव में सपा ने पीडीए को साधने की कोशिश की थी, लेकिन बीजेपी अब 80 फीसदी वोटों को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है।
बीजेपी की रणनीति का लक्ष्य तमाम जातियों को शामिल करके जमीनी स्तर पर सामाजिक समीकरण को संतुलित करना है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यूपी में आगामी चुनाव में लड़ाई 80-20 की होगी, यानी बीजेपी 80 फीसदी सीटों पर कब्जा करेगी और अन्य दलों के पास केवल 20 फीसदी सीटें ही रह जाएंगी। इस प्रकार, बीजेपी की नजर 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने पर है और इसके लिए सियासी तौर पर अपनी बुनियाद मजबूत करना जरूरी है।
सियासी बदलावों की ओर बढ़ते कदम
अब यह सवाल उठता है कि योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी की स्थिति कितनी मजबूत होगी? क्या पार्टी अपनी रणनीति के तहत सपा के पीडीए समीकरण को ध्वस्त कर पाएगी? यह सब आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा, जब होली के बाद बीजेपी अपने नए संगठनात्मक बदलाव और मंत्रिमंडल विस्तार की दिशा तय करेगी।
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