केंद्रीय बजट 2026-27 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट भाषण होगा। हर साल की तरह इस बार भी देश के आम नागरिकों, कारोबारियों और अर्थशास्त्रियों की निगाहें बजट पर टिकी हैं, क्योंकि इससे न केवल देश की आर्थिक दिशा तय होती है, बल्कि सरकार की प्राथमिकताएं भी सामने आती हैं। हालांकि बजट को अक्सर सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसके पीछे दशकों पुरानी कई रोचक परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं।
आज बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था। आजादी के बाद लंबे समय तक बजट फरवरी के आखिरी दिन शाम 5 बजे पेश किया जाता था। इसकी वजह यह थी कि उस दौर में ब्रिटेन के समय के अनुसार बजट पेश किया जाता था। इस परंपरा को 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने बदला और पहली बार बजट सुबह 11 बजे पेश किया गया, जिससे भारतीय अधिकारियों को उसी दिन बजट से जुड़े कामकाज शुरू करने में सुविधा मिली।
इसके बाद 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक और अहम बदलाव किया। उन्होंने बजट को फरवरी के आखिरी दिन की बजाय 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू की, ताकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले बजट को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इसी तरह बजट दस्तावेज़ लाने की परंपरा में भी बड़ा बदलाव हुआ। करीब 70 साल तक बजट लाल रंग के ब्रीफकेस में लाया जाता रहा, लेकिन 2019 में निर्मला सीतारमण ने इसे तोड़ते हुए बजट को भारतीय परंपरा के प्रतीक बही-खाता में पेश किया।
बजट भाषणों का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। साल 2020 में निर्मला सीतारमण ने अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण दिया, जो करीब 2 घंटे 42 मिनट चला। वहीं शब्दों के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने दिया था, जिसमें लगभग 18,650 शब्द थे। इसके उलट 1977 में मोरारजी देसाई ने सिर्फ 800 शब्दों में सबसे छोटा बजट भाषण दिया था।
बजट से पहले होने वाली हलवा सेरेमनी भी एक अहम परंपरा है। नॉर्थ ब्लॉक में होने वाले इस समारोह के साथ ही ‘लॉक-इन पीरियड’ शुरू हो जाता है, जिसमें बजट से जुड़े अधिकारी पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट जाते हैं। इसी दौरान बजट की सबसे गोपनीय ‘ब्लू शीट’ तैयार की जाती है, जिसमें पूरे बजट का सार और अहम गणनाएं दर्ज होती हैं। इतनी सख्त गोपनीयता रखी जाती है कि इस ब्लू शीट को नॉर्थ ब्लॉक से बाहर ले जाने की अनुमति तक नहीं होती।
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