May 6, 2026

अमेरिकी सेना ने स्कॉटलैंड में किया मादुरो जैसा ऑपरेशन, रूसी टैंकर से दो वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिया

वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ की गई अमेरिकी कार्रवाइयों की याद दिलाने वाला एक मामला अब स्कॉटलैंड की धरती पर सामने आया है। अमेरिकी सेना ने स्कॉटिश क्षेत्र में मौजूद एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर से दो वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में ले लिया, जिससे ब्रिटेन के भीतर ही राजनीतिक और संवैधानिक विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर स्कॉटलैंड की संसद में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया जा रहा है।

यह पूरा मामला “Bella” नाम के तेल टैंकर से जुड़ा है, जिस पर रूस और वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन कर तेल की सप्लाई करने का आरोप है। 7 जनवरी को अमेरिकी सेना ने इस जहाज को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में रोका था। बाद में जहाज को मरम्मत के लिए स्कॉटलैंड के मोरे फर्थ इलाके में लाया गया। विवाद तब गहराया, जब अमेरिकी अधिकारियों ने स्कॉटलैंड की सीमा में मौजूद रहते हुए ही जहाज के कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर को हिरासत में ले लिया और उन्हें अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज पर स्थानांतरित कर दिया।

इस कार्रवाई के बाद स्कॉटिश संसद में तीखा विरोध दर्ज कराया गया। ग्रीन पार्टी के एमएसपी रॉस ग्रीर ने आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने रात के अंधेरे में स्कॉटलैंड से दो लोगों का “अपहरण” किया है, जबकि देश की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें स्कॉटिश अधिकार क्षेत्र में रखने का आदेश दिया था। ग्रीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए यहां तक कहा कि यह कदम समुद्री डकैती जैसा है और उन्होंने प्रेस्टविक एयरपोर्ट से अमेरिकी सेना को हटाने की मांग भी की।

इससे पहले एडिनबरा की कोर्ट ऑफ सेशन ने साफ आदेश दिया था कि जहाज के क्रू मेंबर्स को स्कॉटलैंड की सीमा से बाहर नहीं ले जाया जाएगा। यह याचिका कैप्टन की पत्नी की ओर से दायर की गई थी। बावजूद इसके, अमेरिकी न्याय विभाग ने स्कॉटिश अधिकारियों को सूचित किया कि दोनों अधिकारी अब अमेरिकी हिरासत में हैं और उन्हें अमेरिका ले जाकर मुकदमे का सामना करना होगा। इस कदम को अदालत के आदेश की अवहेलना के तौर पर देखा जा रहा है।

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही जहाज मोरे फर्थ में दाखिल हुआ, स्कॉटलैंड के कानून लागू हो गए थे। वहीं, अमेरिकी दूतावास ने सफाई देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत की गई है और अमेरिका तथा ब्रिटेन मिलकर इस मामले को संभाल रहे हैं। दूतावास के अनुसार, 26 क्रू मेंबर्स को स्कॉटलैंड में ही कानूनी प्रक्रिया के तहत छोड़ दिया गया है, जबकि दो अधिकारियों को अमेरिकी कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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