नई दिल्ली: करोड़ों कर्मचारियों के PF खाते खाली, सरकार ने नियम सख्त किए — अब पूरा पैसा निकालना होगा मुश्किल
केंद्र सरकार के ताज़ा आंकड़ों ने चौंकाने वाली हकीकत सामने रखी है — देश के करीब 87% कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के पास रिटायरमेंट तक 1 लाख रुपये से भी कम की बचत है। वहीं लगभग 50% खातों में बैलेंस 20,000 रुपये से कम पाया गया है। सरकार का कहना है कि बार-बार निकासी की आदत ने कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को कमजोर कर दिया है, इसी वजह से अब नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
नई नीति के तहत हर PF खाते में अब 25% न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य होगा। नौकरी छोड़ने के बाद पूरा पैसा निकालने के लिए अब 2 महीने नहीं बल्कि 12 महीने का इंतजार करना होगा। वहीं पेंशन फंड की निकासी की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारी भविष्य की सुरक्षा के लिए बचत बनाए रखें, न कि पूरा फंड पहले ही निकाल लें।
हालांकि, सरकार ने कर्मचारियों की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आंशिक निकासी की प्रक्रिया को आसान किया है। इलाज, शादी या शिक्षा जैसी जरूरतों के लिए पैसा निकालने में अब पहले से कम दिक्कत होगी। इसके साथ ही 1 नवंबर से “कर्मचारी नामांकन अभियान” भी शुरू किया जा रहा है, ताकि वे कर्मचारी जो 2017 से अब तक PF योजना से नहीं जुड़ पाए, उन्हें शामिल होने का एक और मौका मिल सके।
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