अफसोस! बॉडी बनाने की चाह में किशोर खो रहे हैं सेहत… सप्लीमेंट्स बन रहे हैं हड्डियों के दुश्मन

आज के दौर में फिट दिखने की होड़ इतनी तेज हो गई है कि 13-14 साल के किशोर भी जिम की राह पकड़ रहे हैं। सोशल मीडिया से प्रभावित होकर कई युवा प्रोटीन पाउडर, स्टेरॉइड्स और तरह-तरह के अनजान सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इसका असर उनकी सेहत पर बेहद खतरनाक रूप में सामने आ रहा है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में हर साल 50 से ज्यादा ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जिनमें 15 से 25 साल की उम्र के युवाओं की रीढ़ की हड्डियां और जोड़ों की हालत 40 साल के बुजुर्गों जैसी पाई गई है।

डॉक्टरों के मुताबिक सप्लीमेंट्स के अधिक सेवन से केवल हड्डियों पर असर नहीं पड़ता, बल्कि इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है, कैल्शियम की कमी हो जाती है और धीरे-धीरे डिस्क डैमेज होना शुरू हो जाता है। कई मामलों में युवाओं को मल्टी डिस्क फेलियर तक झेलना पड़ रहा है। एम्स के स्पाइन सर्जन डॉ. भावुक गर्ग बताते हैं कि कई मरीजों को सर्जरी तक की नौबत आ चुकी है। इतनी कम उम्र में जब शरीर को पोषण और संतुलित विकास की जरूरत होती है, वहां ये किशोर खुद को स्टेरॉइड्स और हानिकारक सप्लीमेंट्स के हवाले कर रहे हैं।

स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब इन सप्लीमेंट्स के साइड इफेक्ट्स हड्डियों से आगे बढ़कर किडनी और लीवर जैसे अहम अंगों तक पहुंचते हैं। कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि किशोरों को मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझना पड़ा है। रीढ़ की हड्डी की कमजोरी, कमर दर्द, यूरिक एसिड का बढ़ना और विटामिन डी की भारी कमी जैसे लक्षण आम हो गए हैं।

डॉक्टरों की सख्त सलाह है कि कोई भी सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। अक्सर देखा गया है कि लोग इंटरनेट पर देखकर या जिम ट्रेनर्स के कहने पर सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं, जो आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। न्यूट्रिशन की कमी को संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से भी पूरा किया जा सकता है।

समाधान के रूप में यह ज़रूरी हो गया है कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर हेल्थ एजुकेशन को लेकर गंभीरता दिखाई जाए। बच्चों को यह सिखाने की आवश्यकता है कि असली ताकत किसी केमिकल से नहीं, बल्कि अंदर से आती है। माता-पिता को भी बच्चों की डाइट पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए और उन्हें प्रेरित करना चाहिए कि वे प्राकृतिक तरीके से ही फिटनेस की राह अपनाएं। अगर आप भी सप्लीमेंट लेने का सोच रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें — क्योंकि आज की लापरवाही कल की बहुत बड़ी बीमारी बन सकती है।

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