दिल्ली में छठ पूजा को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। अब इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वासुदेव घाट पर छठ पूजा का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। भारद्वाज का कहना है कि उनके ‘नकली यमुना’ वाले खुलासे के बाद भाजपा को शर्मिंदगी उठानी पड़ी और इसी वजह से पीएम ने कार्यक्रम रद्द कर दिया।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बड़ी खबर—प्रधानमंत्री मोदी ने वासुदेव घाट पर बनी नकली यमुना में अपनी छठ पूजा और सूर्य अर्घ्य रद्द कर दिया।” भारद्वाज ने कुछ दिन पहले एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली में वासुदेव घाट पर यमुना की जगह फिल्टर पानी से ‘नकली यमुना’ बनाई जा रही है, जहां पीएम मोदी पूजा करने वाले थे। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और भाजपा पर सवाल उठने लगे।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि बिहार चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री के लिए सार्वजनिक रूप से छठ मनाना अब राजनीतिक रूप से जोखिम भरा कदम होता, क्योंकि वीडियो सामने आने के बाद यह कार्यक्रम विवादों में घिर गया था। भारद्वाज ने दावा किया, “मुझे लगता है कि यह कार्यक्रम आखिरी वक्त पर रद्द कर दिया गया और पीएमओ किसी दूसरे स्थान पर आयोजन की तैयारी भी नहीं कर पाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि “दिल्ली की भाजपा सरकार की प्रदूषण पर धोखाधड़ी देशभर में उजागर हो चुकी है, जिससे बीजेपी नेतृत्व काफी शर्मिंदा है।”
AAP नेता का कहना है कि “वासुदेव घाट पर बनाई गई कृत्रिम यमुना” दिल्ली के लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि यह दिखावा केवल प्रधानमंत्री की छवि बचाने और दिल्ली की असली यमुना की गंदगी को छिपाने के लिए किया गया था। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और नदी सफाई को लेकर भाजपा सरकार सिर्फ कागजों पर काम दिखा रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AAP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “दिल्ली सरकार ने छठ के लिए बेहतरीन इंतजाम किए हैं, और किसी भी घाट पर नकली यमुना जैसी कोई बात नहीं है।” उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि AAP नेताओं का काम सिर्फ भ्रम फैलाना और धार्मिक भावनाओं को भड़काना है।
छठ पूजा के समापन के साथ ही यह राजनीतिक बयानबाजी दिल्ली की सियासत को और गर्मा रही है। जहां एक ओर भाजपा खुद को पूर्वांचल के लोगों के प्रति संवेदनशील बता रही है, वहीं AAP इस पूरे प्रकरण को “झूठ और दिखावे की राजनीति” करार दे रही है। अब देखना यह होगा कि ‘नकली यमुना’ विवाद के बाद दिल्ली की राजनीति में कौन-सा पक्ष जनता का भरोसा जीत पाता है।
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