KGMU धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के शोषण मामले में आगरा कनेक्शन: जांच के घेरे में एसएन मेडिकल कॉलेज, एसटीएफ ने मांगा छह साल का रिकॉर्ड

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में धर्मांतरण और महिला डॉक्टरों के यौन शोषण से जुड़े मामले की जांच का दायरा अब आगरा तक पहुंच गया है। जांच में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज का कनेक्शन सामने आने के बाद इस संस्थान में पढ़ाई कर चुके डॉ. रमीजुद्दीन की भूमिका और उसके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि डॉ. रमीजुद्दीन केजीएमयू मामले के मुख्य आरोपी डॉ. अनीस का करीबी है। रमीज ने वर्ष 2012 में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया था। इसी दौरान कॉलेज में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक समूह सक्रिय था, जिसकी गतिविधियां भी अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसएन मेडिकल कॉलेज में सक्रिय रहे ‘इस्लामिक मेडिकोज’ समूह से जुड़े लोगों ने इसी नाम से एक किताब भी प्रकाशित की थी। इस किताब में वर्ष 2012 से 2016 तक के मेडिकल बैच के छात्रों का विवरण शामिल किया गया था। इस सूची में एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे डॉ. रमीजुद्दीन का नाम भी दर्ज था। बताया जाता है कि रमीज ने एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान कॉलेज में करीब एक साल तक रेजिडेंट के रूप में चिकित्सा कार्य भी किया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस समूह की गतिविधियां किस स्तर तक फैली थीं और इसमें शामिल लोगों के आपसी संपर्क किस तरह के थे।

एसटीएफ ने कॉलेज से मांगा छह साल का रिकॉर्ड

मामले की पड़ताल के दौरान उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स की टीम कई बार आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने कॉलेज प्रशासन से वर्ष 2012 से 2018 तक के एमबीबीएस, पीजी, रेजिडेंट और अन्य मेडिकल छात्रों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा था। कॉलेज प्रशासन से मिले इन दस्तावेजों को जांच टीम अपने साथ ले गई थी। इसके अलावा एसटीएफ ने डॉ. रमीजुद्दीन के साथ पढ़ाई करने वाले सहपाठियों, प्रोफेसरों और कॉलेज से जुड़े अन्य लोगों से भी बातचीत कर उसके व्यवहार, गतिविधियों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई थी। जांच एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसके किन लोगों से करीबी संबंध थे और बाद में ये संपर्क किस तरह आगे बढ़े।

अलीगढ़ से मिलने आते थे कुछ लोग, अलग से होती थीं बैठकें

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि अलीगढ़ से कुछ लोग डॉ. रमीजुद्दीन से मिलने एसएन मेडिकल कॉलेज आया करते थे। बताया जा रहा है कि इन लोगों के साथ उसकी अलग से बैठकें भी होती थीं। कॉलेज से जुड़े कुछ लोगों ने एसटीएफ को एक हिंदू युवती के धर्मांतरण से संबंधित जानकारी भी दी थी। इस मामले के तार अलीगढ़ से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद जांच एजेंसी ने इस पहलू को भी अपनी पड़ताल में शामिल किया। हालांकि, इन बैठकों और कथित धर्मांतरण के बीच संबंधों को लेकर जांच के निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी हैं।

समूह के नेटवर्क और गतिविधियों की भी हो रही पड़ताल

एसटीएफ की जांच में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ समूह की गतिविधियों, उसके गठन और नेटवर्क की शुरुआत से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला गया है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि समूह में कौन-कौन लोग सक्रिय थे, इसकी गतिविधियों का दायरा कितना था और अलग-अलग मेडिकल संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच इसका नेटवर्क किस तरह काम करता था। केजीएमयू प्रकरण के मुख्य आरोपी डॉ. अनीस से डॉ. रमीजुद्दीन के बताए जा रहे संपर्कों के मद्देनजर आगरा और अलीगढ़ से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है। फिलहाल, एसटीएफ की पड़ताल में सामने आए इन सभी तथ्यों और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होनी बाकी है।

Share this content:

About The Author

You may have missed