IT कॉलेज के वार्षिक समारोह में गूंजा हास्य का रंग: छात्राओं ने किया अंग्रेजी नाटक ‘चार्लीज आंट’ का शानदार मंचन
लखनऊ। इसाबेला थोबर्न (आईटी) कॉलेज में वार्षिक कॉलेज डे समारोह हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध अंग्रेजी हास्य नाटक ‘चार्लीज़ आंट’ रहा। कार्यक्रम में वर्ष 2026 में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत प्रख्यात रंगमंच कलाकार, सुप्रसिद्ध अभिनेता, पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं समाजसेवी डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारी कलाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उनकी उपस्थिति समारोह के लिए विशेष गौरव का विषय रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के गायन मंडल द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। मधुर एवं भक्तिमय प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को और उत्सवपूर्ण बना दिया। इसके पश्चात महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. ईएस चार्ल्स ने मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. (मेजर) नीरजा मसीह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्षभर में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पाठ्येतर गतिविधियों में महाविद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डाला।

रंगमंच के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी ने महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और यहां से जुड़ी प्रतिष्ठित पुरातन छात्राओं बीना राय, इस्मत चुगताई और कुर्रतुल ऐन हैदर का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आईटी कॉलेज की विशिष्ट गतिविधियां और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा इसे अन्य शैक्षणिक संस्थानों से अलग पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने रंगमंच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि थिएटर व्यक्ति को आत्मविश्वास और अपनी भावनाओं एवं विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर देता है। यह समूह में मिलकर काम करने, एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की सीख भी देता है। रंगमंच के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है और उनमें जीवन की विभिन्न परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है।
रचित हास्य नाटक ‘चार्लीज़ आंट’ का मंचन
समारोह का विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध ब्रिटिश नाटककार ब्रैंडन थॉमस द्वारा रचित हास्य नाटक ‘चार्लीज़ आंट’ का मंचन रहा। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने डॉ. शर्ली जैन के निर्देशन तथा प्राध्यापक सदस्यों के सहयोग से इस नाटक को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रेम प्रसंगों, हास्यपूर्ण परिस्थितियों और पहचान को लेकर पैदा होने वाले भ्रम पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा। नाटक की कहानी दो विश्वविद्यालयी विद्यार्थियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी प्रेमिकाओं से मिलने की योजना बनाते हैं। उनकी योजना में उस समय अप्रत्याशित मोड़ आ जाता है, जब उनका एक मित्र ब्राजील से आने वाली चार्ली की धनी मौसी का वेश धारण कर लेता है। इसके बाद गलतफहमियों, हास्यास्पद परिस्थितियों और मनोरंजक घटनाओं का ऐसा सिलसिला शुरू होता है, जो दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर देता है।

आपसी तालमेल ने नाटक को बनाया बेहद मनोरंजक
इसाबेला थोबर्न महाविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नाटक के विभिन्न पात्रों को अपने जीवंत अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और शानदार मंचीय प्रस्तुति से साकार कर दिया। कलाकारों के अभिनय, हास्यबोध और आपसी तालमेल ने नाटक को बेहद मनोरंजक बना दिया। पूरे प्रदर्शन के दौरान सभागार दर्शकों की हंसी और तालियों से गूंजता रहा। विद्यार्थियों की इस रंगमंचीय प्रतिभा और रचनात्मकता को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। नाटक की शानदार प्रस्तुति ने वार्षिक कॉलेज डे समारोह को यादगार बना दिया और यह संदेश भी दिया कि शिक्षा के साथ-साथ रंगमंच एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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