ऑर्डर पर मिलती थीं ‘रशियन’ और कॉलेज गर्ल्स: कानपुर में ऑनलाइन देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश, सरगना समेत 9 गिरफ्तार
कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ऑपरेट किया जा रहा था। इस गिरोह के ग्राहक व्हाट्सएप के जरिए लड़कियों की फोटो और रेट देख कर ऑर्डर करते थे। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस रैकेट में रशियन युवतियों से लेकर कॉलेज गर्ल्स तक शामिल थीं, जिन्हें ग्राहक की पसंद के अनुसार घर, होटल या खुद गिरोह द्वारा उपलब्ध कराए गए क्यूबिकल्स में भेजा जाता था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गूबा गार्डन के एक मकान में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चल रहा है। जब छापेमारी की गई तो वहां तहखाने में छोटे-छोटे क्यूबिकल्स (कमरे) पाए गए, जिन्हें दो घंटे के लिए 500 रुपये में किराए पर दिया जाता था। गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था—ग्राहक को पहले व्हाट्सएप पर लड़कियों की तस्वीरें और पैकेज भेजे जाते थे, फिर पसंद आने पर लोकेशन तय होती थी। अगर ग्राहक के पास स्थान नहीं होता था, तो गिरोह खुद ही सुविधा उपलब्ध करा देता था।
इस ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो गिरोह संचालक, दो महिलाएं, सात ग्राहक और एक युवती भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, पकड़े गए लोगों में दो नाबालिग लड़के भी पाए गए हैं। छापे के दौरान पुलिस को कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुई हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
एडीसीपी कपिल देव सिंह के अनुसार, इस पूरे मामले में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रशियन युवतियों की सप्लाई कैसे होती थी और गिरोह का नेटवर्क किन-किन शहरों तक फैला हुआ है।
यह मामला न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश में ऑनलाइन सेक्स रैकेट के बढ़ते नेटवर्क को उजागर करता है। खासकर जब इसमें विदेशी महिलाएं और कॉलेज छात्राएं भी शामिल हों, तब यह सवाल उठना लाज़मी है कि इस गोरखधंधे के पीछे कितनी गहरी जड़ें हैं और इसमें किन-किन प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत हो सकती है।
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