भारत-त्रिनिदाद संबंधों को नई ऊंचाई, 6 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा और दिशा दी है। 25 वर्षों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है, जिसने ऐतिहासिक महत्व हासिल कर लिया है। पीएम मोदी और त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद छह बड़े द्विपक्षीय समझौते किए गए। इन समझौतों में बुनियादी ढांचा, औषधि, संस्कृति, खेल और डिजिटल साझेदारी जैसे विविध क्षेत्रों को शामिल किया गया।

विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को दोनों देशों के “विशेष संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला क्षण” बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री को भारत आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू से मुलाकात कर उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के लिए बधाई दी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और त्रिनिदाद के रिश्तों में “स्वाभाविक गर्मजोशी” है और यह साझा विरासत और मूल्यों पर आधारित है।

इस यात्रा में जिन छह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिली, उनमें संयुक्त परियोजनाएं, फार्माकोपिया, त्वरित-प्रभाव परियोजनाएं, कूटनीतिक प्रशिक्षण और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं। डिजिटल क्षेत्र में यूपीआई सिस्टम और क्षमता निर्माण पर भी सहमति बनी है। साथ ही, भारत सरकार ने त्रिनिदाद में रह रहे भारतीय मूल की छठी पीढ़ी को ओसीआई कार्ड देने का भी ऐलान किया है।

दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी साझा सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया है। पीएम मोदी ने त्रिनिदाद की संसद को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और क्रिकेट संबंधों की सराहना की, साथ ही भारतीय मूल के नागरिकों के विविध क्षेत्रों में योगदान की भी खुलकर प्रशंसा की।

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