May 6, 2026

त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद में भावुक हुए पीएम मोदी, कहा – “ये सिर्फ कुर्सी नहीं, लोकतंत्र की आत्मा है”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जो उनके दौरे का एक ऐतिहासिक पड़ाव बना। यह अवसर खास इसलिए भी रहा क्योंकि किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पहली बार इस कैरेबियाई देश की संसद में भाषण दिया। लेकिन इस दौरान एक पल ऐसा आया जब पीएम मोदी मंच पर बोलते हुए भावुक हो गए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि जब उन्होंने स्पीकर की कुर्सी पर लिखा देखा – “भारत के लोगों की ओर से त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों के लिए” – तो उनका दिल भावनाओं से भर आया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फर्नीचर नहीं, बल्कि दोनों लोकतंत्रों के बीच गहराते भरोसे, मित्रता और साझा मूल्यों का प्रतीक है।

अपने भाषण में उन्होंने कहा, “मैं इस प्रतिष्ठित सदन में बोलने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बनकर गौरव अनुभव कर रहा हूं।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि त्रिनिदाद और टोबैगो की जनता ने दो महिला नेताओं – राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर – को चुना है, जो स्वयं को प्रवासी भारतीयों की संतान मानती हैं और अपनी भारतीय विरासत पर गर्व करती हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की भी सराहना की और कहा कि लोकतंत्र भारतीयों के लिए केवल एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं बल्कि जीवनशैली है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस संसद में ऐसे कई सदस्य हैं जिनके पूर्वज भारत के बिहार राज्य से हैं – वही बिहार जो कभी प्राचीन महाजनपदों, गणराज्य व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की जन्मभूमि रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह भावुक संबोधन दोनों देशों के ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों को एक नई संवेदनशीलता के साथ सामने लाया, जिसने वहां उपस्थित लोगों को भी गहराई से प्रभावित किया।

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