भारत ने पूर्वी लद्दाख में ’72 डिवीजन’ की स्थायी तैनाती, चीन से सीमा पर बढ़ेगा सुरक्षा दबाव
भारत ने पूर्वी लद्दाख में चीन से सटी सीमा पर सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारतीय सेना ने अपने ऑर्डर ऑफ बैटल (ORBAT) में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में एक नई डिवीजन की स्थायी तैनाती का ऐलान किया है। यह कदम वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के दोनों ओर बढ़ती सैन्य गतिविधियों और तात्कालिक सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए उठाया गया है।
’72 डिवीजन’ का गठन: सुरक्षा में बड़ा बदलाव
भारतीय सेना ने 72 डिवीजन के रूप में एक नई डिवीजन का गठन किया है, जो लद्दाख क्षेत्र में LAC की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। यह डिवीजन पहले से ही तैनात 3 डिवीजन के अतिरिक्त होगी, जो अब तक पूरे लद्दाख क्षेत्र में LAC की सुरक्षा का कार्य कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार, 72 डिवीजन का मुख्यालय अभी निर्माणाधीन है और इसकी एक ब्रिगेड पहले से ही पूर्वी लद्दाख में तैनात होकर कार्य करना शुरू कर चुकी है।
इस डिवीजन को लेह स्थित “फायर एंड फ्यूरी” कोर के अधीन रखा जाएगा, जो लद्दाख के सुरक्षा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पहले, लद्दाख के 832 किमी लंबे LAC की सुरक्षा की जिम्मेदारी 3 डिवीजन के पास थी, जो अब तक इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे।
“यूनिफॉर्म फोर्स” की वापसी और पश्चिमी क्षेत्र में प्रशिक्षण
फिलहाल, यह सुरक्षा जिम्मेदारी “यूनिफॉर्म फोर्स” के पास अस्थायी रूप से थी, जो अब जम्मू के रियासी क्षेत्र में वापस भेजी जाएगी। “यूनिफॉर्म फोर्स” ने पहले जम्मू में आतंकवाद विरोधी अभियानों (CICT) में अपनी भूमिका निभाई थी। अब 72 डिवीजन के गठन के बाद, यह जिम्मेदारी स्थायी रूप से इस नई डिवीजन को सौंपी जा रही है, जिससे सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
इस नई डिवीजन को तैयार करने के लिए बड़े हिस्से को पश्चिमी क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सैनिकों, उपकरणों और संगठन को LAC पर चीन के साथ संभावित तनाव को देखते हुए विशेष तैयारियों के अनुरूप किया जा रहा है।
भारतीय सेना का पुनर्गठन और LAC की सुरक्षा
भारत की कुल सेना में 12 लाख सैनिक हैं, जो 6 ऑपरेशनल कमांड में संगठित हैं, जिसमें 14 कोर और 49 डिवीजन शामिल हैं। लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत ने 2020 में अग्रिम मोर्चों पर 68,000 सैनिकों, 90 टैंक, 330 इन्फैंट्री कॉम्बैट वाहन और अन्य हथियारों की तैनाती की थी। “फायर एंड फ्यूरी” कोर की स्थापना 1999 के कारगिल युद्ध के बाद की गई थी, और यह कोर अब तक लद्दाख के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों की सुरक्षा संभालता आया है।
पश्चिमी लद्दाख में कारगिल क्षेत्र 8 डिवीजन के अधीन आता है और नियंत्रण रेखा (LoC) के साथ पाकिस्तान से सटे क्षेत्रों की निगरानी करता है। इसके अलावा, सियाचिन ग्लेशियर, जो दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, की सुरक्षा भी इसी कोर के अंदर आती है।
भारत-चीन विवाद और वार्ता की प्रक्रिया
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य स्तर पर लगातार वार्ता जारी है। 832 किमी लंबे LAC को 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स (PPs) में बांटा गया है, जहां सैनिक नियमित गश्त करते हैं। 2020 के बाद से LAC पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और इस समय भी भारत और चीन के बीच वार्ता के कई स्तर चल रहे हैं।
वार्ता की तीन प्रमुख प्रक्रिया हैं:
- कोर कमांडर स्तर की वार्ता – इसमें दोनों देशों के सेना प्रमुखों के बीच रणनीतिक बातचीत होती है।
- डिवीजन कमांडर स्तर की वार्ता – इस स्तर पर जमीनी हालात को सुलझाने के लिए अधिकारी बातचीत करते हैं।
- ब्रिगेड और सेक्टर कमांडर स्तर की वार्ता – इस स्तर पर स्थानीय तनाव को कम करने के लिए संवाद जारी रहता है।
नए विवादित क्षेत्र और टकराव के बिंदु
भारत और चीन की सीमा पर कुछ विवादित क्षेत्र अब उभर कर सामने आए हैं, जिनमें गलवान घाटी, शोक्शा ला, पैंगोंग झील के उत्तर में रीचिन ला और रेजांग ला शामिल हैं। इसके अलावा, 2020 से पहले कुछ स्थानों पर भी सीमा विवाद बने थे, जैसे त्रिग हाइट्स, डेमचोक, डेपसांग बुल्ज, कोंगका ला, और स्पांग्गुर गैप।
क्या 72 डिवीजन चीन के साथ बढ़ते तनाव को संभाल पाएगी?
भारतीय सेना का यह कदम LAC पर चीन के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है। 72 डिवीजन की स्थायी तैनाती से इस क्षेत्र में सैन्य बल की संख्या और रणनीतिक क्षमता बढ़ेगी, जो भविष्य में किसी भी संभावित संघर्ष या टकराव को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।
हालांकि, सीमा पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, और दोनों देशों के बीच विवादों का हल सैन्य वार्ता और रणनीतिक बातचीत से निकाला जा रहा है। अब यह देखना होगा कि क्या भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद शांति बनी रहती है या 72 डिवीजन की तैनाती एक नए सैन्य संघर्ष की ओर इशारा करती है।
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