April 20, 2026

पाकिस्तान में बलूच कार्यकर्ताओं पर बढ़ते दमन के खिलाफ यूएन की चेतावनी, पाकिस्तान से तुरंत रिहाई की मांग

पाकिस्तान में हाल ही में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा ट्रेन हाईजैक करने के बाद से देश में सुरक्षा और मानवाधिकार की स्थिति गंभीर हो गई है। बलूच कार्यकर्ताओं के खिलाफ बढ़ती गिरफ्तारियां और बलूचिस्तान में विरोध प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता को और बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम के बीच, संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से इन कार्यकर्ताओं को रिहा करने की अपील की है और विरोध प्रदर्शन के शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की मांग की है।

बलूच लिबरेशन आर्मी का ट्रेन हाईजैक – पाकिस्तान में बढ़ा तनाव

11 मार्च 2025 को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के आतंकवादियों ने पाकिस्तान में एक यात्री ट्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने बलूच कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस हमले के बाद से, बलूचिस्तान में तनाव बढ़ गया है और कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। बलूच यकजेहती समिति (BYC) के खिलाफ पुलिस की बढ़ती कार्रवाई को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।

पाकिस्तान में बढ़ती गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

बलूचिस्तान में कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किए गए थे, जिनकी मांग थी कि हिरासत में लिए गए बलूच कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए। लेकिन पाकिस्तान पुलिस ने इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर बल प्रयोग किया। 21 मार्च को, क्वेटा में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

22 मार्च को क्वेटा में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया। इस दौरान, महरंग बलूच सहित कई प्रमुख बीवाईसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 24 मार्च को महिला मानवाधिकार रक्षक और बीवाईसी सदस्य सैमी दीन बलूच को भी गिरफ्तार किया गया।

संयुक्त राष्ट्र का पाकिस्तान से अपील – बलूच कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में हिरासत में लिए गए बलूच कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। यूएन के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि वे बलूच कार्यकर्ताओं के खिलाफ दमनकारी नीतियों को बंद करें और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की कार्रवाई रोकें। यूएन ने कहा है कि उन्हें पिछले कुछ महीनों से बलूच कार्यकर्ताओं के जबरन गायब होने और गिरफ्तारियों के मामले पर बढ़ती चिंताओं की जानकारी मिल रही है।

प्रेस रिलीज में संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने कहा, “हम बलूच कार्यकर्ताओं की कथित गिरफ्तारियों और गायब होने की बढ़ती रिपोर्ट्स को गंभीरता से देख रहे हैं। हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं ने हमारी चिंता को और गहरा कर दिया है।” उन्होंने बलूच यकजेहती समिति (BYC) के खिलाफ पाकिस्तान पुलिस की बढ़ती कार्रवाई पर भी चिंता जताई है।

संयुक्त राष्ट्र की अपील – पाकिस्तान से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की अपेक्षा

यूएन विशेषज्ञों ने आगे कहा, “हम पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि वे अपने आतंकवाद विरोधी अभियानों को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति के अनुरूप करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बलूच कार्यकर्ताओं के अधिकारों का सम्मान करें। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर बल प्रयोग करने के बजाय इस मामले का समाधान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से निकाले।”

विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के अधिकारियों से कहा कि वे बलूच कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करें और इस मुद्दे का समाधान बातचीत और मानवाधिकारों के अनुरूप करें।

क्या पाकिस्तान में बढ़ते दमन के बीच शांति का रास्ता निकल पाएगा?

पाकिस्तान में इन घटनाओं ने बलूचिस्तान और पूरे देश में अस्थिरता को जन्म दिया है। बलूच कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार रक्षकों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार की बढ़ती कार्रवाई ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी दी है कि यदि यह स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती है, तो इससे न केवल पाकिस्तान के भीतर बल्कि पूरे क्षेत्र में संकट पैदा हो सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय दबाव और संयुक्त राष्ट्र की चेतावनियों के बावजूद पाकिस्तान में दमनकारी नीतियां जारी रहती हैं, तो यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान अपनी कार्रवाई में कोई बदलाव करेगा, और क्या बलूचिस्तान और पाकिस्तान के भीतर शांति और मानवाधिकारों की स्थिति सुधर पाएगी? इन सवालों का उत्तर केवल समय ही दे सकता है, लेकिन इस बढ़ती अस्थिरता से क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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