झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा नेता की दिनदहाड़े हत्या, विरोध प्रदर्शन के बाद शहर में दहशत का माहौल
झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर से अपराध ने अपना घिनौना चेहरा दिखाया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य और पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर की कांके थाना से महज 50 फीट की दूरी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने रांची को ‘क्राइम कैपिटल’ के रूप में फिर से सुर्खियों में ला दिया है और पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया है।
राजधानी की सड़कों पर आग और विरोध प्रदर्शन
रांची की गुलजार सड़कों पर अब वीरानी का साम्राज्य है। लोग आक्रोशित हैं और जगह-जगह टायर जलाए जा रहे हैं, सड़कों पर आग लगी हुई है। रांची में विरोध प्रदर्शन ने तूल पकड़ लिया है, जहां प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.), आजसू पार्टी और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा सहित कई अन्य कुर्मी संगठनों ने रांची बंद का आह्वान किया है। साथ ही, झारखंड बंद का भी एलान किया गया है। इस कारण राजधानी रांची के प्रमुख चौक चौराहों पर टायर जलाकर, बांस-बल्लियों से चक्का जाम किया जा रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा और आजसू के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं।
दिमागी ठंडक से हत्या: कांके थाना से महज 50 फीट की दूरी पर हत्या का घटनाक्रम
भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और महावीर मंडल कांके के अध्यक्ष अनिल टाइगर की हत्या कांके थाना से केवल 50 फीट की दूरी पर हुई। अनिल टाइगर, जो होटल में बैठकर मोबाइल पर वीडियो देख रहे थे, दो बाइक सवार अपराधियों द्वारा सिर में गोली मारे जाने से मौके पर ही गिर पड़े। यह हत्या उस समय हुई जब अनिल टाइगर अपने दोस्तों के साथ आराम से बैठकर समय बिता रहे थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी रिंग रोड की ओर भागे, लेकिन स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से दोनों अपराधियों का पीछा किया गया। थोड़ी देर बाद, पुलिस ने दोनों अपराधियों को पकड़ लिया, हालांकि ग्रामीणों के हस्तक्षेप से वे दोनों आरोपी भागने में सफल हो गए। बाद में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे एक अपराधी के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। पकड़े गए शूटर रोहित वर्मा को अनिल टाइगर की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की टीम अब मुख्य आरोपी के बारे में पूछताछ कर रही है और लगातार मामले की जांच कर रही है।
रांची में राजनीतिक हलचल: भाजपा के नेता अस्पताल पहुंचे
अनिल टाइगर की हत्या की खबर फैलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता घटनास्थल पर पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, विधायक नवीन जायसवाल, और आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो सहित कई प्रमुख नेता रिम्स अस्पताल पहुंचे और अनिल टाइगर के परिवारजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
रांची बंद: शहर में विरोध का माहौल
भारतीय जनता पार्टी ने इस हत्या के विरोध में आज (बुधवार) सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक रांची बंद का आह्वान किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह हत्या झारखंड सरकार की विफलता का परिणाम है और राज्य में लगातार बढ़ते अपराधों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इस बंद के कारण रांची शहर में कई स्कूल और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं, हालांकि कुछ स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं।
क्या यह हत्या झारखंड में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को और बढ़ाएगी?
अनिल टाइगर की हत्या से झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विरोध प्रदर्शन के कारण रांची में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और यहां की सड़कों पर आग और हिंसा का माहौल है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर विपक्षी दलों द्वारा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि राज्य में अपराधियों का बोलबाला बढ़ चुका है और सरकार की नाकामी उजागर हो रही है।
अब यह देखना होगा कि रांची में इस हत्या के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होता है या राजनीतिक दलों और अपराधियों के बीच जारी संघर्ष और गहरा हो जाएगा।
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