ऊर्जा मंत्री का बड़ा बयान: स्मार्ट मीटर से जुड़ी बड़ी योजना, गड़बड़ी होने पर होगी कड़ी कार्रवाई!
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने राज्य की बिजली आपूर्ति और मीटरिंग व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं की। उनका कहना था कि सबसे पहले सरकारी भवनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बिजली वितरण में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाना है।
मंत्री एके शर्मा सपा के विधायक नफीस अहमद, राजेंद्र चौधरी और फईम इरफान के सवालों का जवाब दे रहे थे, जब उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, इसके बाद यह योजना अन्य क्षेत्रों में लागू की जाएगी। मंत्री ने यह भी बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विजिलेंस टीम में अब महिलाकर्मी भी अनिवार्य रूप से होंगी, जिससे निगरानी और नियंत्रण की प्रक्रिया मजबूत हो सके।
साथ ही, ऊर्जा मंत्री ने आजमगढ़ में हुए बहुचर्चित सात अरब 99 करोड़ रुपये के बिजली बिल मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक तकनीकी त्रुटि हुई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है। मंत्री ने सभी विधानसभा सदस्यों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई गड़बड़ी या धोखाधड़ी होती है, तो उसे तुरंत अधिकारियों के ध्यान में लाया जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि लाइनमैन से लेकर कार्पोरेशन के चेयरमैन तक किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान गोपालपुर से विधायक नफीस अहमद ने इस मुद्दे को उठाया कि स्मार्ट मीटर पहले सरकारी भवनों में लगाए जाने थे, लेकिन अब तक केवल 15 प्रतिशत भवनों में ही ये मीटर लगाए गए हैं। इस पर सदन में थोड़ी देर के लिए शोर शराबा भी हुआ, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति को समझाया और शांति बनाए रखने की कोशिश की। इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
मंत्री के इस बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या स्मार्ट मीटर की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और क्या सरकार अपनी योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कर पाएगी। इसके अलावा, बिजली वितरण प्रणाली में सुधार के लिए क्या और कदम उठाए जाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।
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