April 17, 2026

विधान परिषद में हंगामा: शिक्षकों के तबादलों से लेकर भ्रष्टाचार तक, सरकार को घेरे विपक्षी!

राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आज शिक्षकों के तबादले और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गर्मा-गर्म बहस हुई। प्रश्न प्रहर के दौरान, विपक्ष ने सरकार से 88 ट्रांसफर आवेदनों में से सिर्फ चार शिक्षकों के स्थानांतरण पर सवाल उठाए। इन मामलों पर विपक्ष ने न केवल तीखी टिप्पणियां कीं, बल्कि सरकार से स्पष्ट जवाब भी मांगा।

भा.ज.पा. के विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार से सवाल किया कि शेष 84 ट्रांसफर मामलों पर कब तक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि केवल यह जानकारी दी जाए कि बाकी मामलों पर विचार कब होगा। इस पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि स्थानांतरण नियमावली 2024 जारी की गई है, और सभी आवेदन एकल ट्रांसफर के लिए हैं, जबकि कोई भी आवेदन पारस्परिक स्थानांतरण के लिए नहीं है। मंत्री ने बताया कि छात्र हित में और सत्र के मध्य में कोई स्थानांतरण नहीं किए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अगले एक महीने में सभी मामलों का परीक्षण पूरा कर लिया जाएगा और जो निर्णय उचित होगा, वह लिया जाएगा।

इसी दौरान, विपक्ष ने अन्य मुद्दों को भी उठाया। सपा के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एडेड महाविद्यालयों में 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के अतिरिक्त पेंशन की समस्या उठाई। इस पर मंत्री ने कहा कि शासनादेश का परीक्षण कर उसका पालन एक महीने के भीतर कर लिया जाएगा।

इसके अलावा, त्रिपाठी ने एक विशेष ट्रांसफर मामले में उच्च शिक्षा मंत्री के सदन में सही जानकारी न देने का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने खेद प्रकट करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने नमामि गंगे विभाग में कोविड-19 के दौरान मृत कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी न देने का मुद्दा उठाया। इस पर सरकार ने स्थिति का संज्ञान लिया और मामले की जांच करने का आश्वासन दिया।

ध्रुव त्रिपाठी ने बलिया के पिपरसंडा गांव में खेल मैदान के मुद्दे को भी उठाया। इसके अलावा, उन्होंने माध्यमिक शिक्षा में वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा शर्तों पर भी सवाल खड़ा किया। इस मुद्दे पर मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का वेतन कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम राशि से कम नहीं होगा, और उनका भुगतान प्रबंधतंत्र द्वारा अपने स्रोतों से किया जाएगा।

भा.ज.पा. के विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने मऊ जिले के दोहरीघाट ब्लॉक में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, और ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आज की चर्चा में शिक्षकों के स्थानांतरण से लेकर भ्रष्टाचार और कर्मचारियों के अधिकारों तक कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जो प्रदेश की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर जनता के बीच कई सवाल खड़े कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठता है कि क्या सरकार इन मुद्दों पर जल्द से जल्द समाधान प्रदान करेगी और क्या विपक्ष की आक्रामकता सरकार के लिए किसी चुनौती का रूप ले सकती है।

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