हरिद्वार: लिव-इन रिलेशनशिप पर उत्तराखंड हाई कोर्ट सख्त, मां चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी को फटकार
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हरिद्वार स्थित मां चंडी देवी मंदिर के मुख्य पुजारी पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप और छेड़छाड़ के मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि धार्मिक स्थलों को इस तरह की गतिविधियों से कम से कम दूर रखा जाना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे जैसी जगहें आस्था की प्रतीक हैं, लेकिन अब इन्हें भी नहीं बख्शा जा रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राकेश थपलियाल ने कहा कि मंदिर और आश्रमों के प्रबंधन से जुड़े लोगों पर लगातार आपराधिक मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिया कि मंदिरों और आश्रमों का सरप्राइज निरीक्षण कराया जाए, ताकि ऐसी गतिविधियों पर रोक लग सके। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर धार्मिक स्थलों पर भी इस तरह के आरोप लगेंगे तो इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी।
पूरा मामला पुजारी महंत रोहित गिरी से जुड़ा है, जिन पर आरोप है कि वे एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थे और उससे एक बच्ची भी हुई। शिकायत के मुताबिक, उनकी हैंडराइटिंग में लिखी डायरी और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े सबूत भी सामने आए हैं। इससे पहले मई 2025 में उन्हें छेड़छाड़ के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने पहले ही मंदिर ट्रस्ट के कामकाज पर सवाल उठाते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को प्रबंधन की निगरानी के निर्देश दिए थे।
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