April 30, 2026

शारदा यूनिवर्सिटी सुसाइड केस: ‘चुभते तानों’ से टूटी बेटी, मां की आंखों में इंसाफ की आग, भाई बोला- मेरी बहन को चाहिए न्याय

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस सेकंड ईयर की छात्रा ज्योति की आत्महत्या के बाद गुस्सा, आंसू और न्याय की पुकार पूरे कैंपस में गूंज रही है। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि मानसिक उत्पीड़न और शिक्षकों के तानों ने ज्योति को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सुसाइड के बाद छात्र आंदोलन कर रहे हैं, वहीं पीड़ित परिवार भी न्याय के लिए धरने पर बैठ गया है।

मृतका की मां सुनिता ने रोते हुए कहा, “मैं रात 9 बजे से यहां बैठी हूं, जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, मैं यहां से नहीं हटूंगी। पुलिस ने हम पर लाठियां चलाईं, मुझे, मेरे पति, बेटे और मामी को पीटा गया। अगर मेरी बेटी के लिए आवाज उठाना गुनाह है तो मुझे जला दो।” उनका दर्द हर उस मां की चीख बनकर सामने आया जो अपनी बेटी को खो चुकी है।

मृतका के भाई अक्षय ने बताया कि एक हफ्ते पहले प्रोफेसर ने बहन पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पिता ने यूनिवर्सिटी आकर शिक्षकों से बात की। लेकिन बाद में पता चला कि उसे क्लास से बाहर कर दिया गया और कहा गया कि वह ‘फर्जी हस्ताक्षरों की एक्सपर्ट’ है। उसे फेल करने और प्रैक्टिकल से बाहर करने की धमकियां दी गईं।

अक्षय ने बताया कि उसकी बहन पर लगातार मानसिक दबाव डाला गया। अंततः वह टूट गई और उसने फांसी लगा ली। पुलिस ने उनके परिवार पर लाठीचार्ज भी किया जब वे न्याय की मांग कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन और दोषी शिक्षक उसकी मौत के जिम्मेदार हैं।

फिलहाल छात्रा के कमरे से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने दो प्रोफेसरों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। साथ ही यूनिवर्सिटी स्टाफ पर भी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परिजनों और छात्रों की मांग है कि पूरे कैंपस की जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले।

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