May 3, 2026

ट्रंप की मानसिक स्थिति पर भतीजे का गंभीर दावा!

‘चाचा ट्रंप की बातें अब समझ से बाहर हो गई हैं’—अमेरिकी राजनीति में इस एक वाक्य ने अचानक हलचल पैदा कर दी है। यह बयान किसी राजनीतिक विरोधी ने नहीं, बल्कि खुद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार के सदस्य ने दिया है। ट्रंप के भतीजे फ्रेड ट्रंप III ने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया है कि उनके चाचा की मानसिक स्थिति अब सामान्य नहीं रही। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप में डिमेंशिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, और अब वह पहले जैसे नहीं रहे। उनका यह बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि एक गहरी पारिवारिक चिंता का हिस्सा है, जो अब सार्वजनिक बहस में बदल चुकी है।

हाल ही में फ्रेड ट्रंप III ने “The Dean Obeidallah Show” में हिस्सा लिया और वहां अपनी नई किताब “All in the Family: The Trumps and How We Got This Way” पर चर्चा करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के भाषण अब न केवल भ्रमित करने वाले लगते हैं, बल्कि उनमें तारतम्यता की कमी है। वो किसी भी मुद्दे पर ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाते और एक विषय से दूसरे पर भटक जाते हैं। फ्रेड का दावा है कि यह सब डिमेंशिया की शुरुआती अवस्था के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ट्रंप के पिता—फ्रेड ट्रंप सीनियर—करीब आठ साल तक अल्ज़ाइमर्स जैसी मानसिक बीमारी से पीड़ित रहे थे, लेकिन ट्रंप ने हमेशा यह बात छिपाई और दावा किया कि उनके पिता आखिरी समय तक पूरी तरह स्वस्थ थे। फ्रेड ने यह भी कहा कि जो लक्षण उन्होंने अपने दादाजी में देखे थे, वही अब डोनाल्ड ट्रंप में दिखाई दे रहे हैं।

ट्रंप परिवार में यह पहली बार नहीं है जब उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठे हों। ट्रंप की भतीजी और फ्रेड की बहन, मैरी ट्रंप—जो पेशे से एक साइकोलॉजिस्ट हैं—पहले ही इस मुद्दे पर कई बार खुलकर अपनी राय रख चुकी हैं। उन्होंने 2020 के चुनावों के दौरान ट्रंप को अस्थिर, खतरनाक और मनोवैज्ञानिक रूप से असंतुलित बताया था। मैरी और फ्रेड दोनों ने इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट नेता कमला हैरिस का समर्थन किया है और ट्रंप की संभावित वापसी को देश के लिए खतरा बताया है। यह राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि पारिवारिक अनुभवों और आकलन पर आधारित चेतावनी है, जिसे अब अमेरिका में गंभीरता से सुना जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप अपने भाषणों में अक्सर अपने विरोधी जो बाइडन पर मानसिक कमजोरी का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने बाइडन को ‘कन्फ्यूज्ड’, ‘भुलक्कड़’ और ‘अनफिट’ करार दिया है, लेकिन अब जब उनके खुद के परिवार के सदस्य उन्हें लेकर ऐसी ही बातें कह रहे हैं, तो यह राजनीतिक बहस का नया मोड़ बन गया है। विरोधी अब ट्रंप के अपने शब्दों को उन्हीं पर पलटते हुए पूछ रहे हैं—क्या आप अब भी मानसिक रूप से उतने ही सक्षम हैं, जितने एक राष्ट्रपति को होना चाहिए?

हालांकि व्हाइट हाउस के डॉक्टर सीन बारबरेला ने हाल ही में ट्रंप को पूर्णतः स्वस्थ बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने Montreal Cognitive Assessment (MoCA) नामक मानसिक परीक्षण में 30 में से पूरे 30 अंक हासिल किए हैं, जो उन्हें मानसिक रूप से एकदम सामान्य दर्शाता है। लेकिन डॉक्टर की इस क्लीन चिट के बावजूद ट्रंप के परिवार के भीतर उठते सवाल और उनकी हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों, भाषणों में देखी जा रही अनियमितता इस ‘स्वस्थ प्रमाण-पत्र’ पर संदेह की परछाईं डालती हैं।

अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक स्थिति एक प्रमुख मुद्दा बनने जा रही है। भले ही ट्रंप अपनी ओर से फिटनेस प्रमाणपत्र पेश कर दें, लेकिन जब उनके ही परिवार के सदस्य सार्वजनिक मंच से उन्हें डिमेंशिया का शिकार बता रहे हों, तो इससे मतदाताओं का भ्रम बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब अमेरिका जैसे देश में राष्ट्रपति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों की जागरूकता और संवेदनशीलता पहले से ही काफी अधिक हो। ऐसे में यह विवाद ट्रंप के चुनावी भविष्य पर असर डाल सकता है। विरोधी इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे, वहीं ट्रंप समर्थकों के लिए यह एक और चुनौती होगी कि वे इन आरोपों को कैसे झुठलाएं और अपने नेता की छवि को कैसे बचाएं। यही वजह है कि फ्रेड ट्रंप III का यह बयान केवल पारिवारिक मतभेद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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