अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर वापसी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के इंटीरियर में बड़े पैमाने पर बदलाव कराए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उस फैसले की है, जिसमें ट्रंप ने व्हाइट हाउस के कई हिस्सों—मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर ओवल ऑफिस तक—पर सोने की परत चढ़वा दी है। मीडिया में आने वाली ज्यादातर लोकेशन्स पर यह गोल्ड फिनिश साफ दिखाई दे रही है। ट्रंप प्रशासन ने यह बदलाव किस उद्देश्य से किए और इन पर कितना खर्च हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की तस्वीर हटाकर ट्रंप का पोर्ट्रेट लगाया
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने व्हाइट हाउस के अंदर की साज-सज्जा को पूरी तरह नया रूप दिया है। पहले जहां सफेद रंग के क्लासिक इंटीरियर थे, वहां अब सुनहरी कलाकारी दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने ओबामा के राष्ट्रपति काल की आधिकारिक पोर्ट्रेट पेंटिंग को हटवाकर अपनी तस्वीर लगवा दी है। यह कदम राजनीतिक हलकों में काफी सुर्खियों में है और आलोचकों द्वारा इसे “स्व-प्रचार” के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति को इंटीरियर बदलने का अधिकार—ट्रंप ने किए 5 बड़े बदलाव
अमेरिकी कानून के मुताबिक नए राष्ट्रपति व्हाइट हाउस का इंटीरियर अपनी पसंद के अनुसार बदल सकते हैं। इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए ट्रंप ने पांच प्रमुख बदलाव करवाए हैं—रोज गार्डन में बदलाव, 90,000 वर्गफुट के विशाल वॉल रूम का निर्माण, पोट्रेट तस्वीरों का चयन बदलना, सोने का साज-सज्जा, और ओवल ऑफिस में नए झंडों की व्यवस्था।
90,000 वर्गफुट के वॉल रूम को लेकर तो अमेरिका में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आलोचकों का कहना है कि इतना बड़ा विस्तार ऐतिहासिक इमारत की मौलिक संरचना से समझौता है।
व्हाइट हाउस के भीतर किए गए प्रमुख परिवर्तन
- बिडेन के समय वेस्ट विंग कोलोनेड साधारण था, लेकिन अब उसे सजावटी पिलर्स के साथ अलंकृत किया गया है।
- प्रेसिडेंशियल वॉक ऑफ फेम से बिडेन की तस्वीर हटाकर ट्रंप ने अपनी ऑटोपेन फोटो लगवाई है।
- ओवल ऑफिस के मुख्य दरवाजे पर नया गोल्डन साइनेज लगाया गया है।
- पहले बिछा क्लिंटन युग का नीला कालीन हटाकर रीगन के समय का कालीन वापस रखवा दिया गया है।
- ओवल ऑफिस की छत पर सोने से बनी मुकुट डिज़ाइन वाली नई सजावट जोड़ दी गई है।
ट्रंप के इन बदलावों ने राजनीतिक और जनसामान्य दोनों स्तर पर बहस छेड़ दी है। जहां उनके समर्थक इसे “व्यक्तिगत शैली और मजबूत पहचान” बताते हैं, वहीं आलोचक इसे “अनावश्यक खर्च और दिखावटी संशोधन” कह रहे हैं। फिलहाल व्हाइट हाउस प्रशासन की ओर से खर्च और योजना से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
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