April 30, 2026

‘कोई सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा’: सेना पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की नसीहत, राहुल गांधी को अंतरिम राहत

भारतीय सेना पर कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने लखनऊ ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी समन पर रोक लगा दी है और इस मामले में केंद्र और शिकायतकर्ता से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा है कि उन्होंने यह टिप्पणी संसद में क्यों नहीं की, और सोशल मीडिया या प्रेस कॉन्फ्रेंस का सहारा क्यों लिया।

यह विवाद राहुल गांधी की 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों की पिटाई की, चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया और 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। इसी बयान के आधार पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिस पर निचली अदालत ने उन्हें समन भेजा था।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि “कोई सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा कि चीन ने जमीन कब्जा कर ली है, वो भी बिना विश्वसनीय जानकारी के।” न्यायमूर्ति दत्ता ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि उन्हें यह जानकारी कहां से मिली और क्यों उन्होंने यह बात संसद के मंच पर नहीं रखी। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार नेता के रूप में उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए।

राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ वकील सिंघवी ने तर्क दिया कि विपक्ष के नेता के तौर पर सवाल उठाना उनका अधिकार है और वे केवल तथ्यों को सामने ला रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कार्यवाही पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इससे पहले मई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत द्वारा जारी समन आदेश को चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगाकर मामले को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।

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