41 साल बाद अंतरिक्ष से भारत लौट रहा है एक और ‘हीरो’: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने ISS से भेजा भावुक संदेश
41 वर्षों बाद एक बार फिर अंतरिक्ष में भारत की मौजूदगी को नई ऊंचाई मिली है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर गए थे, अब धरती पर लौटने के सफर पर हैं। ढाई सप्ताह के लंबे मिशन के बाद वह स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर ISS से आज शाम 4:35 बजे (IST) अनडॉक करेंगे। उनकी धरती पर वापसी की उम्मीद 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे (IST) कैलिफोर्निया के तट पर स्प्लैशडाउन के रूप में की जा रही है।
शुक्ला को ISS तक पहुंचने में करीब 28 घंटे लगे थे, लेकिन वापसी का सफर इससे थोड़ा छोटा—लगभग 22.5 घंटे का होगा। इस वापसी के बाद वे एक सप्ताह तक फ्लाइट सर्जनों की निगरानी में रहेंगे ताकि उनका शरीर दोबारा धरती की गुरुत्वाकर्षण प्रणाली के अनुकूल हो सके। उन्होंने अंतरिक्ष से एक बेहद भावुक संदेश भेजा, जिसमें भारत को उन्होंने “महत्वाकांक्षी, निडर, आत्मविश्वासी और गौरवान्वित” बताया।
शुक्ला ने अपने फेयरवेल मैसेज में कहा, “इकतालीस साल पहले, एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में गया था… आज जब मैं धरती की ओर लौट रहा हूं, तो ऊपर से भारत को देखकर लगता है कि अब का भारत पहले से कहीं ज्यादा उज्जवल, साहसी और सक्षम है। आज भी भारत दुनिया में सबसे अच्छा दिखता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष से भारत को देखने का अनुभव अविस्मरणीय रहा।
ISS में रहते हुए शुभांशु शुक्ला ने भारत और दुनिया के कई संस्थानों द्वारा प्रस्तावित माइक्रोग्रैविटी रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनके मिशन में अमेरिका, भारत, पोलैंड, हंगरी, सऊदी अरब, ब्राज़ील, नाइजीरिया, UAE और यूरोप के 31 देशों की लगभग 60 वैज्ञानिक परियोजनाएं शामिल थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की और भारत के छात्र समुदाय से भी हैम रेडियो के जरिए संवाद किया।
अपने आखिरी संदेश में उन्होंने कहा, “हम जब अलग-अलग देशों से एक समान लक्ष्य के लिए एक साथ काम करते हैं, तो मानवता की असली ताकत सामने आती है। यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है।”
अब पूरा देश एक बार फिर उसी गर्व के साथ शुभांशु शुक्ला के स्वागत के लिए तैयार है, जैसा कि कभी राकेश शर्मा के लिए था। लेकिन इस बार भारत और भी ज्यादा तैयार, आत्मविश्वासी और अंतरिक्ष की नई दौड़ में मजबूती से खड़ा है।
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