सोमवार, 2 फरवरी को सर्राफा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया। खासतौर पर चांदी के दामों में एक ही झटके में बड़ी टूट आई, जबकि सोना भी अपने हालिया ऊंचे स्तर से फिसल गया।
बाजार आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत एक दिन में 31,878 रुपये टूटकर 2,33,774 रुपये प्रति किलो पर आ गई। यह गिरावट करीब 12 प्रतिशत मानी जा रही है, जो हाल के महीनों में सबसे बड़ी है। गौर करने वाली बात यह है कि चांदी अब अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 1.86 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। कुछ समय पहले तक जो चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी, उसमें आई इस गिरावट ने पूरे बाजार का रुख बदल दिया है।
सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोना 6,045 रुपये सस्ता होकर करीब 1,38,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बीते एक साल में सोने-चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने साफ कर दिया कि तेजी के बाद करेक्शन भी उतना ही तेज हो सकता है।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई खबरों को माना जा रहा है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन को लेकर संभावित बदलाव की चर्चाओं के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर में मजबूती का असर सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार पर पड़ता है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनता है। जानकारों का कहना है कि जब तक डॉलर कमजोर नहीं पड़ता, तब तक इन धातुओं में बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।
अब सवाल यही है कि क्या इस समय खरीदारी करना सही रहेगा या थोड़ा इंतजार बेहतर होगा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा गिरावट काफी हद तक मुनाफावसूली और तकनीकी करेक्शन की वजह से है। लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे और सोच-समझकर खरीदारी कर सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म में बड़ा निवेश करने से पहले कुछ समय रुकना ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है।
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